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    संभल में तापमान 2 डिग्री बढ़ा, 40 डिग्री पहुंचा:AQI 184; गुन्नौर में अच्छी फसल, संभल-चंदौसी के किसान परेशान

    3 hours ago

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    संभल में तेज धूप के कारण तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आज न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 184 दर्ज किया गया। दोपहर होते-होते गर्मी बढ़ने से सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा है। बुधवार सुबह 9 बजे संभल जनपद का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम पूरी तरह साफ रहा और 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 15 दिनों के लिए गर्मी का अलर्ट जारी किया है। इसका असर संभल जनपद के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में दिखना शुरू हो गया है। रात में चलने वाली ठंडी हवाएं दिन में गर्म थपेड़ों में बदल गई हैं। इससे पैदल चलने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में बदलाव के कारण स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन लगभग 500 नई ओपीडी दर्ज की जा रही हैं। इससे पहले हुई ओलावृष्टि, बारिश और तेज आंधी के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की बालियां टूट गई हैं, मक्के की फसल में कीड़ा लग गया है और सरसों की फसल भी खराब हो गई है। किसान सरकार से मुआवजे की उम्मीद लगाए हुए हैं। इसके अतिरिक्त, जनपद में प्रतिदिन गेहूं की फसल में आग लगने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। फसल उत्पादन में भी भारी अंतर देखा जा रहा है। जहां गुन्नौर तहसील क्षेत्र में प्रति बीघा 5 से 6 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हो रहा है, वहीं संभल और चंदौसी तहसील में यह घटकर मात्र डेढ़ क्विंटल प्रति बीघा रह गया है। डॉ. मनीष अरोड़ा ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव का स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने बच्चों को बाहर की चीजों से दूर रखने और घर का बना पौष्टिक भोजन देने की सलाह दी। गांव रहटोल के किसान अंशुल कुमार ने अपनी बीस बीघा गेहूं की फसल में हुए नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण उन्हें काफी नुकसान हुआ है और प्रति बीघा केवल डेढ़ क्विंटल गेहूं ही निकल पा रहा है।
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