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    सहारनपुर में आशुतोष ब्रह्मचारी बोले-आश्रम में पाप का साम्राज्य?:कहा-पेन ड्राइव में हैं सबूत, बड़े नाम होंगे बेनकाब, माघ मेले में जो धरना-प्रदर्शन हुआ, उसके पीछे डिप्टी सीएम का हाथ

    2 hours ago

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    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर रेप और नाबालिग बच्चों के यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगने बाबा आशुतोष ब्रह्मचारी सहारनपुर पहुंचे। उनका आरोप है कि उनके पास पेन ड्राइव में वीडियो, चैट, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज जैसे ठोस सबूत मौजूद हैं। बाबा आशुतोष सहारनपुर पहुंचकर मीडिया से मुखातिब हुए और आरोप लगाया कि धर्म और आश्रम की आड़ में घिनौने कृत्य किए गए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कई प्रभावशाली और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं। बाबा आशुतोष ने कहा-हमने सारे सबूत सुरक्षित रखे हैं। पेन ड्राइव में वीडियो, चैट और दस्तावेज हैं। मेडिकल रिपोर्ट में भी कुकर्म की पुष्टि हुई है। न्यायालय में सब कुछ साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि आश्रम में रहने वाले 20 से अधिक नाबालिग बच्चे कथित रूप से शोषण के शिकार हुए हैं। उनके अनुसार, बाढ़ प्रभावित राज्यों से अनाथ या बेसहारा बच्चों को लाकर आश्रम में रखा जाता था। उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारी और राजनीतिक लोग उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी जान को भी खतरा है। बाबा आशुतोष ने पूरे मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी या अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी की सजा मिलनी चाहिए। बाबा आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब इस पूरे विवाद में राजनीतिक साजिश का दावा करते हुए यूपी के एक डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के संगम क्षेत्र में हुए विरोध प्रदर्शन और पूरे विवाद के पीछे सत्ता के बड़े लोगों का हाथ है। बाबा आशुतोष ने दावा किया कि माघ मेले में जो धरना-प्रदर्शन हुआ, उसके पीछे डिप्टी सीएम का हाथ है। कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी सबूत हमारे पास हैं। हमें दबाने और बदनाम करने की साजिश की जा रही है। मेरी जान को भी खतरा है। आशुतोष ने आरोप लगाया कि आश्रम में एक विशेष कमरा बनाया गया था, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाएं थीं। उनका कहना है कि जब मामला मीडिया में आने लगा तो वहां से कई सामान हटा दिए गए। आशुतोष ने आरोप लगाया कि बच्चों को कथित तौर पर ये सिखाया जाता था कि गुरु की सेवा करना भगवान तक पहुंचने का मार्ग है। उन्होंने कहा-छोटे बच्चों को पहले कथित रूप से शिष्य द्वारा दिखाया जाता था, फिर उनसे वही करवाया जाता था। आश्रम में आने वाले वीआईपी लोगों के सामने भी बच्चों को पेश किया जाता था। उन्होंने आश्रम के एक अकाउंटेंट प्रकाश उपाध्याय पर भी आरोप लगाया कि वह बाढ़ प्रभावित इलाकों से बच्चों को लाकर आश्रम में रखवाता था। बाबा आशुतोष ने बताया कि 18 जनवरी को उन्हें घटना की जानकारी मिली और उन्होंने थाने में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने से FIR दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कहा-पुलिस ने हमारी शिकायत नहीं सुनी, इसलिए हमें न्यायालय जाना पड़ा। कोर्ट के आदेश के बाद मामला दर्ज हुआ। अब न्यायालय में सबूत पेश किए जाएंगे। बाबा आशुतोष ने इस मामले को राजनीतिक साजिश से भी जोड़ते हुए कुछ नेताओं पर आरोप लगाए। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान हुए धरने के पीछे राजनीतिक समर्थन था। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेताओं पर आरोप लगाए, हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई दस्तावेज पेश नहीं किया। बाबा आशुतोष ने कहा कि उन्होंने जब इस मामले को उठाया, तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल उन्हें चुप कराने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा-सरकार के लोग और अधिकारी हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये बहुत बड़ा मामला है, इसलिए हमें डराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से अभी तक कोई आधिकारिक कॉल रिकॉर्ड या दस्तावेज मीडिया के सामने पेश नहीं किया है।
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