Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सहारनपुर में मानवाधिकार संगठन की बैठक:जंतर-मंतर प्रदर्शन पर उठाए सवाल, बोले- छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग दिया गया

    1 day ago

    1

    0

    सहारनपुर में मानवाधिकार सेवा सुरक्षा संगठन ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर बैठक की। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे दिया गया है, जिससे आंदोलन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया। बैठक के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, लेकिन किसी भी आंदोलन के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और कानून व्यवस्था बिगाड़ने जैसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। "शांतिपूर्ण प्रदर्शन सबका अधिकार, लेकिन हिंसा नहीं" संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की आड़ में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और देश विरोधी नारे लगाए गए, जिससे देश की छवि प्रभावित हुई। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और संसद की ओर बढ़ने जैसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं।" "छात्रों के मुद्दे से भटक गया आंदोलन" सुशील चौधरी ने कहा कि शुरुआत में आंदोलन नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और छात्रों के भविष्य को लेकर था, जिसका समाज के कई वर्ग समर्थन कर रहे थे। उनका आरोप है कि बाद में कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों के जुड़ने से आंदोलन का स्वरूप बदल गया और इसे राजनीतिक दिशा दे दी गई। "छात्रों की लड़ाई को राजनीति का मंच न बनाएं" संगठन की पदाधिकारी दिशा जैन ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की चिंताएं पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करती हैं, लेकिन छात्रों के हितों की लड़ाई को राजनीतिक मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, दूसरे मुद्दे जुड़ने से छात्रों के वास्तविक सवाल पीछे छूट गए। उपाध्यक्ष बोले- फोकस छात्रों से हट गया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. गुप्ता मलिक पवार ने कहा कि शुरुआती आंदोलन छात्रों के समर्थन में था, लेकिन बाद में उसका फोकस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर आ गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ती है तो अदालत के आदेश के मुताबिक उसे अस्पताल पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कारोबारी को बुलाकर लूट करने वाले 3 गिरफ्तार:पन्नी का सौदा कर ढाई लाख रुपए मंगाया, फरार आरोपी की तलाश जारी
    Next Article
    सोनभद्र पुलिस ने 620 अवैध उपकरण नष्ट किए:मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर के खिलाफ अभियान

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment