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    साइबर ठगी के शिकार डॉक्टर को मिले 7 लाख:सहारनपुर में आयुष्मान कार्ड के नाम पर 90 लाख की हुई थी ठगी, खरीद ली थी आरोपियों ने गाड़ी

    2 hours ago

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    सहारनपुर में साइबर ठगी के एक बड़े मामले में पुलिस ने पीड़ित डॉक्टर को राहत दी है। पुलिस लाइन सभागार में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने साइबर के शिकार डॉक्टर को बरामद किए गए 7 लाख रुपए वापस सौंप दिए। यह रकम अदालत के आदेश के बाद पीड़ित को सुपुर्द की गई। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि दुधली रोड स्थित कीर्तपुरी कॉलोनी निवासी डॉ. प्रभात वर्मा के साथ जुलाई 2024 में बड़ी साइबर ठगी हुई थी। आरोपियों ने फोन कर आयुष्मान कार्ड के बिल भुगतान और कमीशन दिलाने का झांसा दिया। बातचीत के दौरान उन्होंने डॉक्टर को विश्वास में लेकर अलग-अलग खातों में करीब 90 लाख 59 हजार 600 रुपए ट्रांसफर करा लिए। मामले का खुलासा होने पर डॉ. प्रभात वर्मा ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने लखनऊ निवासी तीन आरोपियों अंकित जायसवाल, अभय शर्मा और विवेक शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से ठगी की रकम का हिस्सा भी मिला। अंकित जायसवाल के घर से 7 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। इसके अलावा उसकी महिला मित्र श्रद्धा दुबे के पास से एक स्कोडा सुपर्ब कार भी बरामद की गई, जिसे आरोपियों ने ठगी के पैसों से खरीदा था। बरामद नकदी को पुलिस ने मालखाने में जमा करा दिया था। बाद में पीड़ित डॉक्टर ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि बरामद रकम उसी की है और मुकदमे के दौरान जरूरत पड़ने पर वह अदालत में पेश होने को तैयार है, इसलिए रकम उसे सुपुर्द की जाए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, सहारनपुर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद डॉक्टर की अर्जी स्वीकार कर ली। अदालत ने आदेश दिया कि 7 लाख रुपए पीड़ित को व्यक्तिगत बंधपत्र और जमानत दाखिल करने के बाद सुपुर्द कर दिए जाएं। अदालत ने यह भी शर्त रखी कि मुकदमे के दौरान जरूरत पड़ने पर डॉक्टर अदालत में उपस्थित होंगे और किसी अन्य दावे की स्थिति में न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी सिटी व्योम बिंदल ने डॉ. प्रभात वर्मा को 7 लाख रुपए सौंपे। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचें और किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन लेनदेन से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें।
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