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    सुल्तानपुर में किसान संगठन ने PM को भेजा मांग पत्र:भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कृषि-दूध उत्पादों को बाहर रखने की मांग

    13 hours ago

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    भारतीय किसान संगठन ने सोमवार को सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। संगठन ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। इस ज्ञापन में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते से देश के कृषि और दूध उत्पादों को बाहर रखने की मांग की गई है। संगठन ने अपने ज्ञापन में याद दिलाया कि प्रधानमंत्री पहले भी अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान बिना किसी समझौते के लौट आए थे। उस समय उन पर भारत के कृषि और दूध उत्पादों को व्यापार समझौते में शामिल करने का दबाव था। प्रधानमंत्री ने तब देश के किसानों को आश्वासन दिया था कि वे उनकी खेती और दूध उत्पादों के हितों से कभी समझौता नहीं करेंगे। इस आश्वासन के लगभग एक साल बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा रूस से तेल लेने से इनकार करने के बाद अब 'ट्रेड डील' का रास्ता खुल गया है। इस प्रस्ताव में भारत से अमेरिका निर्यात होने वाली वस्तुओं पर 25 प्रतिशत के बजाय 18 प्रतिशत टैरिफ लगाने और 25 प्रतिशत दंड हटाने का उल्लेख था। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट के तुरंत बाद, अमेरिकी कृषि सचिव बुक रोलिंस का बयान आया। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिकी किसानों और पशुपालकों को काफी फायदा होगा। इस बयान से भारतीय किसानों में चिंता बढ़ गई। संगठन ने इस विरोधाभास पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि एक ओर प्रधानमंत्री और उनके मंत्री लगातार किसानों और पशुपालकों के हितों की रक्षा का आश्वासन दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी कृषि सचिव के बयान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संगठन ने बताया कि भारत में 87 प्रतिशत सीमांत किसान अपनी आजीविका के लिए पशुपालन पर निर्भर हैं। वे दूध बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि भारत में पाउडर मिल्क का आयात शुरू हो गया, तो देश के किसान और मजदूर आर्थिक रूप से प्रभावित होंगे, खासकर जब कई हिस्सों में दूध पानी से भी सस्ता बिकता है।
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