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    सोनभद्र में परीक्षा से पहले कलावा-ताबीज उतरवाए:CBSE सेंटर पर हंगामा, खुले में चेकिंग से भी नाराजगी, अभिभावकों-ABVP का विरोध

    7 hours ago

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    सोनभद्र के चुर्क स्थित स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों से कलावा, ताबीज और गले की माला उतरवाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद अभिभावकों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कड़ा विरोध जताया है। अभिभावकों का आरोप है कि बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश के धार्मिक/आस्था से जुड़े धागे और लॉकेट उतरवाए गए, जिससे बच्चों पर मानसिक दबाव बना। परीक्षा गेट पर हाथ से काटा गया कलावा जानकारी के अनुसार, परीक्षा देने पहुंचे कई छात्र-छात्राओं के हाथों से कलावा काटा गया और गले की माला-लॉकेट उतरवा लिए गए। अभिभावकों का कहना है कि केंद्र पर ऐसी कोई गाइडलाइन प्रदर्शित नहीं की गई थी, न ही सीबीएसई के एडमिट कार्ड पर इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश अंकित था। अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने आए बाबूलाल ने कहा, “ताबीज और रक्षा धागा बच्चों को मानसिक संबल देता है। जब परीक्षा सीसीटीवी निगरानी में हो रही है, तो धागे या ताबीज से नकल की संभावना कैसे हो सकती है?” उनका आरोप है कि जिन छात्राओं के अभिभावक मौके पर नहीं थे, उनके भी ताबीज उतरवा लिए गए। छात्राओं की खुले में चेकिंग पर आपत्ति अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि छात्राओं की जांच के लिए समुचित व्यवस्था नहीं थी। अलग से चेंजिंग रूम या पृथक कक्ष की व्यवस्था न होने के कारण खुले में चेकिंग की जा रही थी, जिससे छात्राएं असहज महसूस कर रही थीं। एबीवीपी के प्रांत खेलो भारत सह संयोजक मृगांग दुबे ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों ने संगठन को इसकी सूचना दी। उनका कहना है कि सीबीएसई गाइडलाइन में कलावा या साधारण माला पहनने पर स्पष्ट प्रतिबंध का उल्लेख नहीं है। दुबे ने मांग की कि छात्राओं की जांच अलग कक्ष में की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने। मानसिक दबाव का मुद्दा अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील समय में इस तरह की कार्रवाई बच्चों पर मानसिक दबाव डालती है। कई छात्राएं रोते-रोते परीक्षा कक्ष में पहुंचीं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि सुरक्षा जांच के नाम पर अपनाई गई प्रक्रिया में संवेदनशीलता की कमी दिखी। सवाल यह उठ रहा है कि क्या परीक्षा सुरक्षा और विद्यार्थियों की भावनात्मक स्थिति के बीच संतुलन बनाया गया? अधिकारियों का इंतजार, DIOS से संपर्क नहीं हो सका एबीवीपी पदाधिकारियों ने बताया कि मामले को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के संज्ञान में लाया जाएगा और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर कार्रवाई की मांग की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि उचित कार्रवाई न होने पर आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल परीक्षा केंद्र प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। डीआईओएस जयराम सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो सका, इसलिए उनका पक्ष नहीं लिया जा सका। अब नजर इस बात पर है कि क्या जांच बैठाई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होंगे, या फिर यह मामला भी विरोध और आश्वासन तक सीमित रह जाएगा।
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