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    सोनभद्र में रेप की कोशिश में दोषी को सजा:साढ़े 4 साल पहले की है घटना, कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई

    7 hours ago

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    सोनभद्र में करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व नौ वर्षीय नाबालिग बालिका से चाकू दिखाकर दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ओमकार शुक्ला की अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी राजू हरिजन उर्फ रामनिवास को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित होगी। साथ ही, अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि 11 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। पुलिस कर रही मामले की जांच अभियोजन पक्ष के अनुसार, रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने 1 जनवरी 2022 को रॉबर्ट्सगंज थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया गया था कि 30 दिसंबर 2021 को शाम 5 बजे राजू हरिजन उर्फ रामनिवास (पुत्र घुरफेकन, निवासी बढ़ौली, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र) उसकी नौ वर्षीय नाबालिग बेटी को अपने घर बुलाकर ले गया था। घर में दरवाजा बंद कर राजू ने चाकू दिखाकर बेटी को धमकाया और कहा कि जैसा वह कहेगा, वैसा ही करना होगा, नहीं तो जान से मार देगा। इसके बाद उसने जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया। हालांकि, बेटी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकली और घर आकर अपनी मां को आपबीती सुनाई। इस तहरीर के आधार पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना। इसके अतिरिक्त, छह गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन भी किया गया। सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की ओर से बहस की। सभी साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अदालत ने राजू हरिजन उर्फ रामनिवास (29 वर्ष) को दोषी पाया और उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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