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    सपा के 46 उम्मीदवार लगभग तय, लिस्ट देखिए:पूर्वांचल के चेहरे सबसे ज्यादा; 5 हजार वोट से हारी सीटों पर कैंडिडेट रिपीट होंगे

    1 day ago

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    सपा ने विधानसभा चुनाव के लिए 46 सीटों पर कैंडिडेट्स लगभग फाइनल कर दिए हैं। इस लिस्ट में सबसे ज्यादा पूर्वांचल की 19 सीटें हैं। पश्चिम की 13 और मध्य यूपी की 14 सीटों पर उम्मीदवार शामिल किए गए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आधिकारिक लिस्ट सितंबर तक जारी की जाएगी। 2022 में सपा जिन 27 सीटों पर 5 हजार से कम वोट मार्जिन से हार गई थी, उनके प्रत्याशियों को अखिलेश यादव दोबारा मैदान पर उतार सकते हैं। इन सीटों पर 2027 चुनाव में सपा को जीत की उम्मीद है। हालांकि, विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी तय करने के लिए चुनौती कम नहीं है। सपा अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर कायम है। लेकिन, मुस्लिम-यादव उम्मीदवारों की संख्या घटाकर दूसरे बैकवर्ड और दलित चेहरों को आगे बढ़ाने की तैयारी है। खास बात यह कि अखिलेश यादव सिर्फ जातीय समीकरण नहीं, बल्कि हर दावेदार की बूथ लेवल पर सक्रियता भी देख रहे हैं। 20 से ज्यादा सामान्य सीटों पर दलितों को टिकट 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सपा PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर ही आगे बढ़ रही है। हालांकि, यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि पार्टी के वफादार सवर्ण नेताओं के साथ नाइंसाफी न हो। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मुस्लिम और यादव उम्मीदवारों की संख्या कम की जाएगी। अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित 84 सीटों के अलावा 20-25 सामान्य सीटों पर दलित प्रत्याशी उतारने की तैयारी है। अखिलेश दावेदारों से मिल रहे, सिफारिश नहीं मानी जा रही पार्टी जिला संगठन से भी प्रत्याशियों को लेकर फीडबैक ले रही है। अखिलेश यादव खुद जिला पदाधिकारियों और दावेदारों से बैठक कर रहे हैं। साथ ही साफ निर्देश दिए जा रहे हैं कि पार्टी जिसे भी टिकट दे, उसे स्वीकार करना है। टिकटों को लेकर बगावत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अखिलेश यादव इस बात पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं कि टिकट के दावेदार ने बूथ लेवल पर सपा का वोट बढ़ाने के लिए क्या किया है? वह SIR के दौरान कितना सक्रिय था, इसे भी आंका जा रहा है। अखिलेश यादव का फोकस है कि उम्मीदवार बूथ लेवल पर आने वाली चुनौती का भी ठीक से सामना कर सके। इसके लिए पार्टी ने सर्वे रिपोर्ट, स्थानीय जातीय समीकरण, पब्लिक इमेज और बूथ लेवल सक्रियता को प्राथमिकता दे रही है। अखिलेश पहले ही यह बात साफ कर चुके हैं कि सिफारिश पर टिकट नहीं मिलेगा। जो व्यक्ति उनके पैमाने पर खरा उतरेगा, उसे ही विधानसभा चुनाव का टिकट मिलेगा। कांग्रेस से समझौते का इंतजार, इसके बाद लिस्ट जारी होगी सपा शुरू से कहती आई है कि वह कांग्रेस से साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, अभी सीट बंटवारे को लेकर स्थिति साफ नहीं है। यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर चुके हैं। जबकि, सपा 60 से ज्यादा सीट देने के मूड में नहीं है। अखिलेश यादव भी साफ कर चुके हैं कि कांग्रेस जो सीटें चाहती है, उस पर जीत का समीकरण बताए, फिर उस पर निर्णय होगा। ऐसे में सीटों पर रजामंदी बनने के बाद सितंबर में सपा अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करेगी। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अखिलेश अकेले भाजपा को कैसे रोकेंगे?:ममता को हराने के बाद पूरा फोकस यूपी पर; कई बड़े नेता मैदान में उतरेंगे यूपी की 80 लोकसभा सीटों की बात करें, तो सपा ही 37 सांसदों के साथ पहले नंबर पर है। विपक्ष के जो नेता BJP के खिलाफ लड़ रहे थे, उनमें अब अखिलेश यादव ही मजबूत चेहरा बचे हैं। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव BJP का मुकाबला कैसे करेंगे? वह सीएम योगी को जीत की हैट्रिक लगाने से कैसे रोकेंगे? पूरी खबर पढ़ें…
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