Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बोले- मलाल सिर्फ गलत टाइमिंग का:गोखपुर में कहा- थप्पड़कांड से मेरा कोई ताल्लुक नहीं, पद आते-जाते रहते हैं

    22 hours ago

    1

    0

    'मलाल सिर्फ इस बात का है कि गलत टाइमिंग पर हमें पद से हटना पड़ा। अगर यह समय थोड़ा आगे-पीछे होता तो बेहतर रहता। पद पर आने वाला व्यक्ति एक दिन हटता जरूर है, लेकिन जिस घटना के बाद यह फैसला हुआ, उसमें मेरा कोई ताल्लुक नहीं था।' पद से हटाए जाने के बाद गोरखपुर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और वर्तमान कार्यवाहक अध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने दैनिक भास्कर से बातचीत में यह बात कही। समाजवादी पार्टी की गोरखपुर जिला और महानगर इकाई की कार्यकारिणी भंग होने के बाद उन्हें नई टीम बनने तक कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने प्रेस क्लब में हुई घटना को पार्टी के लिए नुकसानदायक बताया। हालांकि, उनका कहना है कि इसका असर एमएलसी चुनाव या 2027 के विधानसभा चुनाव पर नहीं पड़ेगा। बृजेश कुमार गौतम ने कहा- प्रेस क्लब में हुई घटना बेहद निंदनीय थी। जिसने यह घटना की, उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। इससे पार्टी को काफी नुकसान हुआ है। पार्टी के तय कार्यक्रमों पर भी इसका असर पड़ा है, लेकिन इसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा। पढ़िए पूरी बातचीत… ‘एमएलसी चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा’ एमएलसी चुनाव पर प्रेस क्लब की घटना और संगठन में हुए बदलाव के असर के सवाल पर गौतम ने कहा कि इसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एमएलसी चुनाव शिक्षकों का है और इसमें पढ़े-लिखे लोग मतदान करते हैं। इसलिए पार्टी के अंदर हुए बदलाव का चुनाव पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संगठन में बदलाव के दौरान नुकसान और फायदा दोनों होते हैं। अब कोशिश होगी कि जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाए। हमारा लक्ष्य 2027 में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान हो और पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार मिले। ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे, नई टीम कब बनेगी’ नई जिला और महानगर टीम के गठन की समयसीमा पर गौतम ने कहा कि इसका फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। संगठन में पद आते-जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि 1992 से पार्टी में कई जिला अध्यक्ष बने और बदले हैं। आगे भी नए लोग नई ऊर्जा के साथ संगठन की जिम्मेदारी संभालेंगे। मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में उन्होंने विषम परिस्थितियों के बीच पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में पार्टी के पास न सांसद है और न विधायक, फिर भी उन्होंने कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया। उम्मीद है कि नया जिला अध्यक्ष पार्टी को इससे भी आगे ले जाएगा। मलाल सिर्फ गलत टाइमिंग का है अपने कार्यकाल पर गौतम ने कहा कि हर जिला अध्यक्ष चाहता है कि उसके कार्यकाल में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करे। वह करीब तीन साल आठ महीने जिला अध्यक्ष रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका काफी सहयोग किया और संगठन के अंदर-बाहर कई चुनौतियां भी आईं। उन्होंने कहा- मलाल सिर्फ इस बात का है कि गलत टाइमिंग पर हमें पद से हटना पड़ा। अगर यह समय थोड़ा आगे-पीछे होता तो बेहतर रहता। पद पर आने वाला व्यक्ति एक दिन हटता जरूर है, लेकिन जिस घटना के बाद यह फैसला हुआ, उसमें मेरा कोई ताल्लुक नहीं था। गौतम ने कहा कि प्रेस क्लब की घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं था। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूरे घटनाक्रम और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फैसला लिया होगा। उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला स्वीकार है। आगे जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। ‘पद छोटा हो या बड़ा, जिम्मेदारी निभाऊंगा’ गौतम ने बताया कि वह बहुजन समाज पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी में आए थे। उस समय उन्होंने नहीं सोचा था कि उन्हें गोरखपुर जैसे मुख्यमंत्री के गृह जनपद का जिला अध्यक्ष बनने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने दलित समाज से आने वाले व्यक्ति को जिला अध्यक्ष बनाकर नया प्रयोग किया था। उन्होंने उस भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश की। गौतम ने कहा कि वह डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के विचारों से प्रेरणा लेते हैं। समाजवादी पार्टी में उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के विचारों को भी समझा। उन्होंने कहा कि आगे पद मिले या नहीं, इससे फर्क नहीं पड़ता। छोटा पद हो या बड़ा, जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे पूरी क्षमता से निभाएंगे। ‘50 से ज्यादा लोग जिला अध्यक्ष की दौड़ में’ नई टीम में जिला अध्यक्ष पद के दावेदारों के सवाल पर गौतम ने किसी एक नाम का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर 50 से ज्यादा लोग संभावित दावेदार दिखाई दे रहे हैं। कई लोग खुद पोस्ट कर रहे हैं या उनके समर्थक पोस्ट करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि बड़ी संख्या में लोग संगठन की जिम्मेदारी लेने के लिए आगे आ रहे हैं। अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। वह सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की क्षमता और काम करने के तरीके से परिचित हैं। ‘नगीना साहनी के साथ घटना बेहद निंदनीय’ पूर्व जिला अध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी के साथ हुई घटना को गौतम ने भी बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा पार्टी के किसी नेता या कार्यकर्ता के परेशान होने पर संज्ञान लेते हैं। इसी के तहत उन्होंने नगीना साहनी के मामले में तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले में कई फैसले लिए, जिससे एक नजीर बनी है। हालांकि, नगीना साहनी को दोबारा जिला अध्यक्ष बनाया जाएगा या ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिलेगा, इस पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। गौतम ने कहा कि जिला अध्यक्ष कौन बनेगा या विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी कौन होगा, इसका फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष ही करेंगे। हम पार्टी के सिपाही हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो भी फैसला होगा, उसे जमीन पर उतारने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना उनका लक्ष्य है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कच्चा मकान गिरने पर DM ने लेखपाल से मांगी सफाई:प्रतापगढ़ में जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र पर सीडीपीओ का वेतन रोका
    Next Article
    MLC चुनाव में स्नातक सीट के 7 नामांकन खारिज:आगरा में शिक्षक सीट पर सभी पर्चे सही, अब 28 प्रत्याशी मैदान में; कल नाम वापसी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment