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    सिपाही के पासवर्ड से खोए मोबाइल ढूंढकर करता था वसूली:बदायूं में जनसेवा केंद्र संचालक और सिपाही गिरफ्तार, आधा पैसा लेता था सिपाही

    2 hours ago

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    बदायूं के जरीफनगर में खोए हुए मोबाइल की तलाश के लिए पुलिस के सॉफ्टवेयर का गलत इस्तेमाल कर वसूली करने का मामला सामने आया है। जनसेवा केंद्र संचालक प्रेमपाल उर्फ बंटी पुलिस का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर गुम मोबाइल की लोकेशन पता करता था। इसके बाद वह साथी रंजीत के साथ मोबाइल चलाने वाले लोगों को फोन कर खुद को पुलिसकर्मी बताता और मोबाइल लौटाने के बदले पैसे मांगता था। इस पूरे खेल में जरीफनगर थाने का कंप्यूटर ऑपरेटर सिपाही जावेद भी शामिल था। आरोप है कि उसने सॉफ्टवेयर का पासवर्ड बंटी को दे रखा था। वसूली गई रकम का आधा हिस्सा जावेद को मिलता था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बंटी और रंजीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि सिपाही जावेद को निलंबित कर दिया गया है। मोबाइल खोया तो जनसेवा केंद्र संचालक से मांगी मदद रामपुर टप्पा वैश्य गांव निवासी हरीश बाबू उर्फ हीरा सिंह का मोबाइल पिछले महीने खो गया था। उन्होंने इसकी जानकारी पड़रिया गांव के जनसेवा केंद्र संचालक प्रेमपाल उर्फ बंटी को दी। कुछ दिन बाद बंटी हरीश के घर पहुंचा और बताया कि मोबाइल मिल गया है। इसके बाद उसने खर्च-पानी के नाम पर रकम मांगनी शुरू कर दी। मोबाइल वापस करने के बदले पहले 10 हजार रुपए मांगे गए। पैसे नहीं देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। आखिरकार चार हजार रुपए लेने के बाद मोबाइल वापस किया गया। हरीश ने इसकी शिकायत कॉमन सर्विस सेंटर में की, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। सिपाही ने दिया सॉफ्टवेयर का पासवर्ड जांच में सामने आया कि जरीफनगर थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात सिपाही जावेद के पास मोबाइल की लोकेशन पता करने वाले पुलिस सॉफ्टवेयर की पहुंच थी। आरोप है कि जावेद ने इसका पासवर्ड बंटी को दे रखा था। बंटी इसी सॉफ्टवेयर की मदद से गुम हुए मोबाइल की लोकेशन पता करता था। इसके बाद वह साथी रंजीत के साथ संबंधित मोबाइल नंबर पर फोन करता और खुद को जरीफनगर थाने का पुलिसकर्मी बताकर धमकाता था। मोबाइल वापस करने के नाम पर लोगों से रकम वसूली जाती थी। वसूली का आधा हिस्सा सिपाही को मिलता था पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मोबाइल वापस कराने के नाम पर वसूली गई रकम का 50 प्रतिशत हिस्सा सिपाही जावेद को दिया जाता था। बाकी रकम बंटी और रंजीत आपस में बांट लेते थे। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने इसी तरीके से और कितने लोगों से रकम वसूली है। पुलिस सॉफ्टवेयर की पहुंच और उसके इस्तेमाल से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच की जा रही है। चार मोबाइल, लैपटॉप और 18 बैंक पासबुक बरामद पुलिस ने प्रेमपाल उर्फ बंटी और रंजीत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। आरोपियों के पास से चार मोबाइल, तीन लैपटॉप और 30 मोबाइल के खाली डिब्बे मिले हैं। इसके अलावा पुलिस ने 18 बैंक पासबुक, 11 आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, एक वोटर आईडी, चार डेबिट कार्ड और तीन क्रेडिट कार्ड भी बरामद किए हैं। मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर सिपाही जावेद को निलंबित कर दिया गया है।
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