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    सिपाही ने सरकारी राइफल से गोली मारी, मौत:हापुड़ में थाने में पहरे की ड्यूटी पर था; 15 दिनों की छुट्‌टी खत्म कर लौटा था

    22 hours ago

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    हापुड़ में थाने में पहरा दे रहे सिपाही की सरकारी राइफल से गोली लगने से मौत हो गई। गोली उसके सीने में लगी है। गोली चलने की आवाज सुनकर अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। तब तक सिपाही की मौत हो चुकी थी। रविवार सुबह करीब 11 बजे की यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर धौलाना थानाक्षेत्र की है। एडिशनल एसपी ने बताया कि सिपाही ने सरकारी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सिपाही की पहचान आगरा के निबोहरा थानाक्षेत्र के हीरापुर गांव के रहने वाले आशीष वर्मा (23) के रूप में हुई है। वह 2025 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। अप्रैल 2026 में धौलाना थाने में पहली तैनाती मिली थी। शुरुआती जांच में सिपाही के मानसिक तनाव में होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। चर्चा है कि गोली मारने से पहले सिपाही ने किसी से फोन पर बात की थी। यह भी कहा जा रहा है कि उस पर काफी अधिक लोन था। तस्वीरें देखिए… जानिए पूरा मामला… सिपाही आशीष का परिवार आगरा के निबोहरा थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव में रहता है। पिता त्रिभुवननाथ खेती करते हैं। मां राजकुमारी के अलावा परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। बड़ी बहन सुंदरी की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन भावना और छोटा भाई संतोष पढ़ाई करते हैं। आशीष की अभी शादी नहीं हुई थी। चाचा मुकेश कुमार ने बताया, "रविवार सुबह थाने से फोन आया था। बताया गया कि आशीष ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। कहा गया कि वह तनाव में था। लेकिन उसे किस बात की परेशानी थी, इसकी जानकारी हम लोगों को नहीं है।" बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन हापुड़ के लिए रवाना हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि आशीष के पुलिस में भर्ती होने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था। उसकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। 15 दिन की छुट्टी लेकर गांव गए थे सिपाही आशीष वर्मा करीब 15 दिन की छुट्टी लेकर गांव हीरापुर गए थे। छुट्टी खत्म होने से 3 दिन पहले ही वह वापस लौट आए थे। हालांकि, उन्होंने तत्काल ड्यूटी ज्वाइन नहीं की थी और थाने के पुलिस क्वार्टर में रेस्ट किया था। साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार, शुक्रवार को उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन की थी। शनिवार को आशीष की ड्यूटी पिलखुवा चौराहे पर लगाई गई थी। यहां उन्हें वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात सुचारु रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद रविवार को वह थाने में पहरे की ड्यूटी कर रहे थे। फोन पर बात के कुछ देर बाद चली गोली साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार, रविवार सुबह पहरे की ड्यूटी के दौरान आशीष फोन पर किसी से बात कर रहे थे। फोन कटने के कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आशीष को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गांववालों के अनुसार, सिपाही ने 15 लाख रुपए की लोन ले रखी थी। हालांकि, इन बातों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौत की वजह की जांच की जा रही है। सिपाही ने गोली क्यों मारी जांच की जा रही-एएसपी एएसपी विनीत भटनागर ने बताया- प्रथम दृष्टया ड्यूटी के दौरान सिपाही द्वारा खुद को गोली मारने की बात सामने आई है। गोली लगने से सिपाही की मौत हो गई। फिलहाल, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। …………….. ये खबर भी पढ़िए… वाराणसी में 40 साल के MS डॉक्टर ने सुसाइड किया, हेरिटेज हॉस्पिटल की OT से इंजेक्शन लाए वाराणसी में 40 साल के डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। शनिवार रात कमरे में उन्होंने एनेस्थीसिया का इंजेक्शन हाथ में लगाकर जान दी। बेड पर उनका शव बैठी हुई हालत में मिला। डॉ. शुभंकर गौतम हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में 3 साल से यूरोलॉजिस्ट थे। यह वाराणसी का बड़ा प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है। शुभंकर ने एम्स से MS और फिर MCh की डिग्री हासिल की थी। शनिवार सुबह डॉ. शुभंकर ने ओपीडी में मरीजों को देखा। इसके बाद कैंपस में ही अपने कमरे में आ गए। बताया जा रहा है कि शाम को उनका फोन पर पत्नी से विवाद हो गया। इसके बाद रूम से हॉस्पिटल गए। पढ़ें पूरी खबर…
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