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    सांसद चंद्रशेखर बोले-फार्म हाउस में मेरे मर्डर का प्लान बना:मौत तो एक दिन आनी है, डर के नहीं जी सकते; सरकार जांच कराए

    4 hours ago

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    भीम आर्मी चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा- एक फार्म हाउस में मेरी हत्या का षड्यंत्र रचा गया। मेरे पास जो सूचनाएं हैं, वे गलत नहीं हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि पूरे मामले की जांच कराए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। हालांकि, यह साजिश कौन रच रहा है, इसके नाम का उन्होंने खुलासा नहीं किया। मंगलवार देर रात चंद्रशेखर ने X पर वीडियो करके कहा- मौत तो एक दिन आनी है, मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता। अगर मेरी मौत आपके हाथों लिखी होगी तो वह भी हो जाएगी, लेकिन अगर आप अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए और मेरे लोगों ने मुझे ताकत, हिम्मत और अपना साथ दे दिया, तो याद रखिए, आप जैसे गुंडों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा। चंद्रशेखर की 3 बड़ी बातें 1- ‘जहां-जहां अन्याय और अत्याचार, हमने आवाज उठाई’ चंद्रशेखर ने कहा- जब तक जीवन है, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। चाहे UGC का मामला हो या आरक्षण के विरोध में चल रहे आंदोलन। मैं आजाद समाज पार्टी की ओर से प्रदेश में कमजोरों की आवाज उठाता रहा हूं। राम लखन मौर्य का मामला हो, विनोद साहनी का, ललिता हत्याकांड का या सहारनपुर की मस्जिद का मामला हो। जहां-जहां अन्याय और अत्याचार हुए हैं, हर जगह जाकर हमने कमजोरों की आवाज उठाने का काम किया है। जब वे राजनीतिक रूप से हमें नहीं रोक पा रहे हैं, तो दो दिन पहले एक फार्म हाउस में मेरी हत्या की साजिश रचने का प्लान बनाया गया। ऐसा नहीं है कि मैं कोई झूठी बात कह रहा हूं। मैं यह बात बहुत जिम्मेदारी से कह रहा हूं। 2- 'अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि पत्थर चला रहे' उन्होंने कहा- जब मैं सुरक्षा में हूं, तब भी अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे इस तरह की हिंसा कर रहे हैं। आमना-सामना कर रहे हैं, पत्थर चला रहे हैं, पेट्रोल या डीजल जैसा कुछ बोतलों में भरकर गाड़ियों में आग लगाने का प्रयास कर रहे हैं। जब दिन के उजाले में एक चुने हुए जनप्रतिनिधि और सांसद के साथ, जिसे सवा पांच लाख से ज्यादा वोट मिले हैं, इस तरह का व्यवहार हो रहा है, तो इस प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की हालत कैसी होगी? उनके साथ किस तरह का अन्याय हो रहा होगा? 3- ‘कुछ लोगों ने स्वीकारा कि वो मुझे ढूंढ रहे’ चंद्रशेखर ने कहा- जिस तरह की पुलिस कार्रवाई हो रही है और पुलिस का जो रोल है, उससे मैं किसी भी कीमत पर यह स्वीकार नहीं कर सकता कि हमारे लोगों के साथ दुर्घटना होने पर, हत्या या बलात्कार होने पर भी न्याय जैसी स्थिति बन रही हो। इस बात के गवाह वे लोग हैं, जिन्होंने यह बात स्वीकार की है कि वे मुझे ढूंढ रहे थे। वे हाथ में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आए थे। गाड़ी में आग लगाने की कोशिश कर रहे थे। इसका मतलब है कि मेरे पास फार्म हाउस में बैठकर मेरी हत्या की साजिश रचे जाने की जो जानकारी है, वह गलत नहीं है। दैनिक भास्कर पोल में हिस्सा लेकर राय दें- 3 दिन पहले चंद्रशेखर-पूर्व गर्लफ्रेंड रोहिणी के समर्थक भिड़े थे बाराबंकी में 3 दिन पहले चंद्रशेखर और उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी के समर्थक भिड़ गए थे। चंद्रशेखर लखनऊ से 1 हजार कार्यकर्ताओं के साथ गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग कर चंद्रशेखर को रोक दिया। इसी बीच रोहिणी घावरी के सैकड़ों समर्थक पहुंच गए। उन्होंने ‘चंद्रशेखर रावण मुर्दाबाद’ और ‘रोहिणी घावरी को इंसाफ दो’ के नारे लगाए। दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते धक्का-मुक्की होने लगी। पुलिस ने किसी तरह रोहिणी के समर्थकों को हटाया और चंद्रशेखर को पुलिस निरीक्षण भवन के पास ले गई। वहां सांसद सड़क पर बैठ गए। 20-25 मिनट बाद वे कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ लौट गए। पढ़ें पूरी खबर चंद्रशेखर से जुड़ी दो स्लाइड पढ़िए… ------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए… रोहिणी बोलीं- चुनाव लड़ने नहीं, लड़वाने आई हूं:अखिलेश या कांग्रेस नहीं, वाल्मीकियों को हिस्सेदारी देने वाले को समर्थन देंगे स्विट्जरलैंड में 6 साल बिताने के बाद भारत लौटीं रोहिणी घावरी अब अपने वाल्मीकि समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत करने की मुहिम में जुटी हैं। डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी करने और स्विट्जरलैंड में 2 साल नौकरी करने के बाद उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया। दिल्ली, हरियाणा और मेरठ के बाद वे लखनऊ पहुंचीं। दैनिक भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में रोहिणी ने क्रीमी लेयर के आरक्षण, वाल्मीकि समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी, 2027 के विधानसभा चुनाव, अखिलेश यादव और मायावती से लेकर चंद्रशेखर आजाद पर खुलकर बात की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…
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