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    संत रविदास आश्रम की जमीन पर प्रशासन की कार्रवाई:हाईकोर्ट के आदेश पर पैमाइश में सरकारी भूमि चिह्नित

    7 hours ago

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    इटावा के इकदिल क्षेत्र में नेशनल हाईवे 19 के किनारे ग्राम पंचायत कुशगवा बादशाहपुर स्थित प्राचीन संत रविदास आश्रम की भूमि को लेकर चल रहे विवाद में शनिवार को प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर बड़ी कार्रवाई की। तहसीलदार भरथना के नेतृत्व में राजस्व, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश की। जांच में आश्रम परिसर के भीतर सरकारी भूमि पाई गई, जिसे चिह्नित कर फेंसिंग कर सुरक्षित कर दिया गया। पैमाइश में सरकारी भूमि की पुष्टि रविवार को प्रशासनिक टीम पूरे अमले के साथ मौके पर पहुंची। तहसीलदार भरथना की अगुवाई में राजस्व विभाग के पांच लेखपालों के पैनल ने गहन नाप जोक की। पीडब्ल्यूडी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी भी पूरी प्रक्रिया में शामिल रहे। पैमाइश के बाद अधिकारियों ने बताया कि आश्रम परिसर की सीमा में करीब 560 वर्ग मीटर भूमि एनएचएआई की और लगभग 500 वर्ग मीटर भूमि पीडब्ल्यूडी की पाई गई। इसके बाद संबंधित हिस्से पर सरकारी बोर्ड लगा दिया गया और जमीन को चिन्हित कर लिया गया। फेंसिंग कर क्षेत्र को किया सुरक्षित कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने चिन्हित जमीन के चारों ओर खंभे गाड़कर तार की फेंसिंग कराई। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो। मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा। पैमाइश के समय बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने आश्रम की प्राचीनता का हवाला देते हुए वहां स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि दशकों पुराने इस आश्रम में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर, भगवान बुद्ध और संत शिरोमणि रविदास महाराज की प्रतिमाएं विधि विधान से स्थापित हैं। महापुरुषों के सम्मान का भरोसा ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाया। अधिकारियों ने साफ कहा कि महापुरुषों के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की सम्मानजनक स्थापना के लिए ग्राम पंचायत में अन्य उपयुक्त भूमि सुरक्षित कर दी गई है।
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