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    संत समाज ने भरतदास पर कार्रवाई की मांग की:चित्रकूट में धार्मिक स्थलों पर कब्जे, साधुओं से मारपीट के आरोप

    1 hour ago

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    चित्रकूट जनपद के संत समाज ने कथित साधु भरतदास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संतों ने प्रशासन से भरतदास के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि भरतदास ने साधु वेश में रहकर धार्मिक स्थलों की गरिमा को ठेस पहुंचाई और आपराधिक गतिविधियों से क्षेत्र में भय का माहौल बनाया। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में संत समाज ने बताया कि भरतदास असावर माता मंदिर और वाल्मीकि आश्रम में रह रहा था। इस दौरान उसने वहां के साधुओं के साथ मारपीट की, उन्हें अपमानित किया और कई को जबरन आश्रम छोड़ने पर मजबूर किया। संतों का दावा है कि ये घटनाएं लंबे समय से जारी थीं, जिससे क्षेत्र का धार्मिक वातावरण प्रभावित हुआ। आरोपों के अनुसार, भरतदास ने गुंडों की मदद से कई धर्मशालाओं और धार्मिक स्थलों पर कब्जा करने का प्रयास किया। उस पर दुकानदारों, भंडारा आयोजकों और कीर्तन करने वाले श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता व मारपीट करने का भी आरोप है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं। संत समाज ने यह भी बताया कि भरतदास के खिलाफ नांदी हनुमान मंदिर आश्रम, सोमनाथ चर आश्रम और बजरंग आश्रम कर्वी जैसे कई स्थानों पर भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं। संतों ने दावा किया है कि उसके विरुद्ध कुल 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं। संतों ने स्पष्ट किया कि भरतदास को संत समाज से निष्कासित कर दिया गया है। उनका कहना है कि उसने कामतानाथ मुखारबिंद और रामघाट सहित चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर संतों का अपमान कर पूरी संत परंपरा को बदनाम किया है। संत समाज ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी भरतदास को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने असावर माता मंदिर और वाल्मीकि आश्रम में उसके प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की भी अपील की है। फिलहाल, प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि, संत समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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