Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    स्ट्रेसफुल हैं GEN-Z की दोस्तियां:डिप्रेशन में जा रहे स्कूल- कॉलेज गोइंग बच्चे, गोरखपुर में साइकेट्रिस्ट से लेना पड़ रहा काउंसलिंग

    3 hours ago

    1

    0

    दोस्ती को हमेशा तनाव दूर करने वाला रिश्ता माना जाता है, लेकिन बदलते दौर में यही रिश्ता कई युवाओं के लिए मानसिक तनाव की वजह बन रहा है। गोरखपुर जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव का कहना है कि यह समस्या सबसे ज्यादा Gen Z में देखने को मिल रही है। डॉ. संजीव के मुताबिक, ओपीडी में ऐसे कई मरीज आ रहे हैं जो किसी मानसिक बीमारी या पारिवारिक दबाव से नहीं, बल्कि दोस्तों के व्यवहार, जलन और ओवरथिंकिंग की वजह से तनाव और डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। कई मामलों में इलाज और काउंसलिंग की जरूरत पड़ रही है। इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे पर उन्होंने सलाह दी कि दोस्ती में असुरक्षा या तनाव महसूस होने पर बात मन में न रखें। परिवार के किसी बड़े से खुलकर चर्चा करें या जरूरत पड़ने पर मनोरोग विशेषज्ञ की मदद लें। केस-1. सहेली ने किसी और से बढ़ाई बातचीत तो बेहोश होने लगी छात्रा उन्होंने बताया कि 13 साल की एक लड़की की उसी के क्लास की दूसरी लड़की से बहुत पुरानी दोस्ती थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था। उसकी क्लास में एक नया लड़का आया और उसकी सहेली से ज्यादा बातचीत करने लगा। फिर लड़की को लगने लगा मेरी दोस्त उसको ज्यादा पसंद कर रही है और मेरे से दूर जा रही। इस बात को लेकर वह बार- बार परेशान होती थी। अपने दोस्त से लड़ती फिर ठीक हो जाती थी। एक टाइम ऐसा आया कि वह सहेली का अटेंशन पाने के लिए नए- नए तरीके अपनाने लगी थी। कई बार जानबुझकर बेहोश हो जाती थी। नए लोग से बातचीत बढ़ता देख हमेशा दुःखी रहने लगी थी और ओवर थिंकिंग करती थी। इतना ही नहीं पढ़ाई- लिखाई भी उससे ठीक से नहीं हो पाता था। परेशानी हद से ज्यादा बढ़ने पर हॉस्पिटल आई। जिसके बाद उसकी काउन्सिलिंग की गई। धीरे- धीरे उसे चीजों को हैंडल करना सिखाया गया। कुछ दवाईयां भी दी गई। अब उसकी सहेली के साथ पहले जैसे रिश्ते हो गए हैं। करीब डेढ़ साल से उसका इलाज चल रहा। केस-2. हमेशा सोचती की दोस्त कर रहे मेरी बुराई इसी तरह एक और मामला देखने को मिला। यह एक कॉलेज गोइंग लड़की है। वह बीसीए (BCA) का कोर्स कर रही है। उसके बैच में खास सहेलियों की एक अच्छी ग्रूप थी। लड़की को OCD की प्रॉब्लम थी। उसके साफ-सफाई से उसके दोस्त थोड़े बहुत कभी- कभी परेशान हो जाते थे। इसी वजह से उसे लगने लगा ये लोग मुझे पसंद नहीं करते हैं। जब कोई उसके अब्सेंस में कुछ बात करता था, उसे लगता था कि मेरी ही बुराई चल रही है। यह खुद के बारे में नेगेटिव हो गई। उसे लगने लगा कि वह दोस्तों में फिट नहीं बैठती है। इस बात को सोचकर इतना परेशान हुई कि सुबह की बैच बदलकर दोपहर वाली ले ली । ताकि उन सहेलियों से मुलाकात ही न हो। उसके बाद भी ओवर थिंकिंग कम नहीं हुई। जब इलाज के लिए हॉस्पिटल पहुंची तो पूरी बात बताई। उसके बाद धीरे- धीरे उसकी बातों को समझा गया। उससे उभरने के कई तरीके बताए गए। बकायदा ट्रीटमेंट और काउंसलिंग भी हुई। करीब 2.5 साल उसका इलाज चल रहा है। अभी स्थित बहुत सही है। नए बैच की लड़कियों से दोस्ती बढ़ रही है। उसमें घुलना मिलना शुरू दी है। घर के किसी बड़े से सलाह लेना चाहिए- डॉ. संजीव डॉ. संजीव ने बताया कि यह समस्या ज्यादातर स्कूल या जल्द ही कॉलेज शुरू करने वाले बच्चों में देखा जाता है। जो बच्चे ज्यादा सेंसिटिव होते हैं। उन्हें दोस्तों के हर बात से फर्क पड़ने लगता है। और जब अपनी बात सामने वाले को समझा नहीं पाते हैं, तब तनाव में जाने लगते हैं। ऐसे में उन्हें घर के किसी बड़े से सलाह लेना चाहिए। पूरी बात खुलकर बताना चाहिए। साथ ही अपने आप को किसी और एक्टिविटी में व्यस्त कर लेना चाहिए। या फिर साइकेट्रिस्ट से सलाह लेना चाहिए। हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल उन्होंने बताया कि किसी तरह की समस्या या प्रेशर महसूस होने पर भारत सरकार के 'डेली मानस' नंबर 14416 पर 24 घंटे, सातो दिन कॉल करके काउंसलिंग कर सकते हैं। इसके अलावा हॉस्पिटल में आकर साइकेट्रिस्ट से परामर्श ले सकते हैं। मनकक्ष के 9336929266 नंबर पर भी फोन करके परेशानी दूर कर सकते हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मुरादाबाद में 6 अवैध आयुर्वेदिक, यूनानी दवाखाने सील:डीएम के निर्देश पर चेकिंग, कई क्लीनिक बंद मिले
    Next Article
    कांवड़ मेले को आज से चलेगी एक और स्पेशल ट्रेन:बठिंडा से हरिद्वार जाएगी, सहारनपुर में ठहराव होगा, 30 अगस्त तक 32 फेरे लगाएगी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment