Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सिद्धार्थनगर के नौगढ़ में वर्ष प्रतिपदा उत्सव:डॉ. हेडगेवार की जयंती मनाई गई, भारत माता के चित्र पर फूल चढ़ाए

    3 hours ago

    1

    0

    सिद्धार्थनगर में 22 मार्च रविवार को नौगढ़ नगर में भारतीय नववर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की जयंती पर वर्ष प्रतिपदा उत्सव आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज परिसर में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभाग प्रचारक राजीव नयन ने भारतीय नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही भारतीय नवसंवत्सर का आरंभ होता है, जिसे सृष्टि के प्रारंभ का प्रतीक माना जाता है। राजीव नयन ने कहा कि यह दिन प्रकृति के नवोदय, संस्कृति के पुनर्जागरण और समाज में नवसृजन का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय नववर्ष के महत्व को समझना आवश्यक है, क्योंकि सभी व्रत-त्योहार, विवाह और गृहप्रवेश जैसे शुभ कार्य हिंदू पंचांग के अनुसार ही निर्धारित होते हैं। राजीव नयन ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार के जीवन और उनके योगदान पर भी बात की। उन्होंने बताया कि डॉ. हेडगेवार का जन्म भी भारतीय नववर्ष के दिन हुआ था। उन्होंने अंग्रेजी शासन और समाज की तत्कालीन स्थिति को देखते हुए चिकित्सकीय शिक्षा पूरी करने के बाद राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया। वर्ष 1925 में उन्होंने संघ की स्थापना की। राजीव नयन के अनुसार, संघ ने व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज परिवर्तन का एक सशक्त मार्ग प्रस्तुत किया है, जो आज भी सक्रिय है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आज पूरा विश्व संघर्ष, अस्थिरता और सांस्कृतिक असंतुलन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में भारत की सनातन संस्कृति, ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ जैसे विचार ही विश्व को शांति और स्थिरता की दिशा दिखा सकते हैं। भारत की यही सांस्कृतिक अवधारणा वैश्विक समस्याओं का स्थायी समाधान प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में पंच परिवर्तन के संकल्प को भी दोहराया गया, जिसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी के प्रति जागरूकता एवं नागरिक कर्तव्यबोध को प्रमुख रूप से शामिल किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर ही भारत को पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित किया जा सकता है। इस अवसर पर नगर कार्यवाह अभय ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि सह जिला कार्यवाह मनोज द्वारा प्रस्तुत एकल गीत ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। कार्यक्रम में नगर संघचालक रणजीत, जिला प्रचारक विशाल, नगर प्रचारक अरुणेश, प्रचार प्रमुख रूपेश सिंह, सांसद जगदंबिका पाल, जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, मुरलीधर, फतेह बहादुर सिंह, सतीश रस्तोगी, नंदलाल रस्तोगी, विकास पांडेय, माहेश्वर पांडेय, सत्यव्रत, राजेश त्रिपाठी, वशिष्ठ, आर्चिष्मान, एसपी अग्रवाल, अमन, योगेश, सुरेश रैना सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ उत्सव का समापन हुआ, वहीं उपस्थित लोगों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं प्रसार का संकल्प भी लिया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    जौनपुर में मशहूर शायर निसार अहमद का निधन:बस इतनी देर का झगड़ा है, जिंदगी क्या है...शेर के लिए थे मशहूर
    Next Article
    अखिल भारतीय सम्पादक मंडल ने फूलों से खेली होली:जौनपुर में आयोजित हुआ होली मिलन समारोह

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment