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    सिद्धार्थनगर में 9 बीघा जमीन विवाद में धोखाधड़ी का आरोप:रजिस्ट्री के जरिए फंसाने की कोशिश, डेढ़ करोड़ की डील में चेक बाउंस

    6 hours ago

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    सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में एक बड़े जमीन फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बुढनईया गांव में 5 करोड़ 50 लाख रुपये की जमीन डील को लेकर यह आरोप लगा है। पीड़ित शम्भूनाथ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि 3 बीघा जमीन की रजिस्ट्री की आड़ में सुनियोजित तरीके से 9 बीघा जमीन हड़पने की साजिश रची गई। शम्भूनाथ के अनुसार, बुढनईया मेन रोड पर स्थित 9 बीघा जमीन का सौदा मोहम्मद मुस्लिम से 5.50 करोड़ रुपये में तय हुआ था। इसमें 6 बीघा के लिए 4 करोड़ रुपये और 3 बीघा के लिए 1.50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे। 12 अप्रैल 2026 को केवल 3 बीघा जमीन की रजिस्ट्री होनी थी। इस प्रक्रिया के तहत परमात्मा पुत्र पारसनाथ की डेढ़ बीघा, तथा शम्भूनाथ पुत्र परमात्मा, रमाशंकर पुत्र परमात्मा और रविन्द्र पुत्र परमात्मा की 10-10 मंडी जमीन सुयश बूबना, राजेश कुमार जायसवाल और मोहम्मद मुस्लिम के नाम पंजीकृत की गई। पीड़ित शम्भूनाथ का आरोप है कि 3 बीघा की रजिस्ट्री के बहाने वकील, दस्तावेज लेखक और कथित क्रेताओं की मिलीभगत से पहले से ही 9 बीघा जमीन के कागजात तैयार कर लिए गए थे। उनसे यह कहकर हस्ताक्षर कराए गए कि दस्तावेज केवल 3 बीघा से संबंधित हैं, जबकि कथित तौर पर शेष 6 बीघा जमीन भी लिखवाने की तैयारी थी। पीड़ित का दावा है कि दूसरी बार फिंगरप्रिंट लगने थे, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण प्रक्रिया रुक गई, जिससे अतिरिक्त 6 बीघा जमीन जाने से बच गई। इस मामले का सबसे बड़ा विवाद भुगतान को लेकर है। पीड़ित के अनुसार, 1.50 करोड़ रुपये की डील के बावजूद रजिस्ट्री में केवल 40 लाख रुपये का प्रतिफल दर्शाया गया। 63 लाख रुपये खातों में स्थानांतरित किए गए, जबकि 33 लाख रुपये के तीन चेक दिए गए। शेष 54 लाख रुपये नकद रजिस्ट्री के बाद देने का वादा किया गया था। शम्भूनाथ का आरोप है कि उन्हें "पैसा गाड़ी में रखा है" कहकर भरोसा दिलाया गया, लेकिन रजिस्ट्री के बाद न तो 54 लाख रुपये नकद दिए गए और न ही 33 लाख रुपये के चेक क्लियर हुए। अब चेक बाउंस का मामला भी जांच के दायरे में है।
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