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    स्वामी प्रसाद मौर्य की अपनी जनता पार्टी ने किया प्रदर्शन:यूजीसी एक्ट 2026 को लागू करने की मांग

    1 hour ago

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    स्वामी प्रसाद मौर्य की अपनी जनता पार्टी ने यूजीसी एक्ट 2026 के समर्थन में प्रदर्शन किया। पार्टी का कहना है कि यह विधेयक उच्च शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समानता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम है। इसका उद्देश्य एससी-एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस छात्रों के साथ होने वाले जातीय अपमान और भेदभाव को रोकना है। उन्होंने बताया कि यूजीसी एक्ट भारतीय संविधान के तहत समानता, गरिमा और शिक्षा के अधिकार की भावना को मजबूत करता है। यह विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक मानकों के एकीकरण, प्रशासनिक उत्तरदायित्व और विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। पार्टी का मानना है कि इससे रोहित वेमूला, डॉ. पायल तडवी और दर्शन सोलंकी जैसे छात्रों की घटनाओं को रोका जा सकेगा। भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में कम से कम 27-30 छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें आईआईटी कानपुर से हाल के वर्षों में 9 मामले शामिल हैं। 4 फरवरी तक आईआईटी बॉम्बे में आत्महत्या का एक नया मामला सामने आया था, और इससे पहले 20 जनवरी को आईआईटी कानपुर में भी ऐसी ही घटना हुई थी। राज्यसभा में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2018 से 2023 तक उच्च शिक्षण संस्थानों में 98 आत्महत्याएं दर्ज की गईं। इनमें से 39 आईआईटी से, 25 एनआईटी से और 25 केंद्रीय विश्वविद्यालयों से थीं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 2023 के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में छात्रों द्वारा आत्महत्याओं की संख्या 13,892 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। इंटरनेट क्राइम कंप्लेंट सेंटर (आईसीसी) की 2025 की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि प्रत्येक वर्ष 13,000 से अधिक छात्र आत्महत्या के शिकार होते हैं। अपनी जनता पार्टी देश और छात्र हित को ध्यान में रखते हुए यूजीसी विधेयक 2026 का समर्थन करती है। पार्टी ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव और हिंसा समाप्त करने के लिए यूजीसी विधेयक 2026 को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
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