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    स्वांत रंजन बोले- युवा ही भारत को विश्वगुरु बनाएंगे:सिद्धार्थनगर में तकनीक का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए

    16 hours ago

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    सिद्धार्थनगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से लोहिया कला भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने युवाओं से राष्ट्र, समाज, शिक्षा और वर्तमान चुनौतियों पर संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में विश्व को दिशा देने की क्षमता है। युवा ही देश को विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्वांत रंजन ने कहा कि जो समाज अपने गौरवशाली अतीत को याद रखता है और उससे प्रेरणा लेता है, वही भविष्य के सपने बुनकर राष्ट्र को उन्नति के पथ पर आगे बढ़ाता है। उन्होंने मुगलों और अंग्रेजों के शासन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में देश की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया। ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद, आर्यभट्ट और सरदार भगत सिंह जैसे युवाओं ने देश को नई दिशा देने का काम किया। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के संदेश और स्वतंत्रता संग्राम में युवाओं के बलिदान को भी याद किया। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए स्वांत रंजन ने इसे व्यवस्था की कमी बताया। उन्होंने कहा कि युवा बेहतर भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनके सपने टूट जाते हैं। इससे युवाओं में रोष पैदा होना स्वाभाविक है। तकनीक खराब नहीं, उसका दुरुपयोग गलत कार्यक्रम में युवाओं ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। धर्मेंद्र सिंह ने जेन-जी में बढ़ते रोष और तकनीक के दुरुपयोग को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में स्वांत रंजन ने कहा कि तकनीक स्वयं खराब नहीं होती, बल्कि उसका दुरुपयोग गलत होता है। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तकनीक ने उसे तबाह किया, उसी तकनीक का उपयोग कई देशों में बिजली की आपूर्ति के लिए भी किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से तकनीक का दुरुपयोग न करने और इसके आदी न बनने की अपील की। डॉ. सीमा मिश्रा ने शिक्षा के उद्देश्य को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा के माध्यम से अपनी योग्यता और क्षमता का विकास करने, गरीबों को ताकत देने, सेवा करने तथा देश की एकता, अखंडता और तरक्की में योगदान देने का भाव विकसित होना चाहिए। अवसरों का लाभ लेकर युवा बढ़ाएं भागीदारी वाचस्पति मिश्रा के भारत के विश्वगुरु बनने संबंधी सवाल पर स्वांत रंजन ने कहा कि इसके लिए देश का सर्वांगीण विकास आवश्यक है। सरकार साधन और अवसर उपलब्ध करा सकती है, लेकिन युवाओं को इनका लाभ उठाकर हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। तभी भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। राम पाठक, आराध्या पांडेय और शुभ्रा सिंह के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय रीति-रिवाज, सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों के प्रति लोगों को जागरूक करना जरूरी है। युवाओं को दिग्भ्रमित होने से बचाने के लिए संवाद के माध्यम से उन्हें सही तथ्यों से अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि और कौशल के अनुरूप विषय और कार्यक्षेत्र का चयन करने की सलाह दी। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ. अवधेश, विभाग प्रचारक राजीव नयन, सह विभाग प्रचारक अजीत, सह विभाग कार्यवाह हरिश्चंद्र, डॉ. रत्नाकर, मनोज कुमार, जिला प्रचारक राघवेंद्र, शिवेंद्र सिंह, नगर प्रचारक सौरभ, अभय सिंह, अभय त्रिपाठी, रूपेश सिंह, महेश्वर पांडेय, दिवाकर विक्रम सिंह, विकास पांडेय, सौरभ और डॉ. राज नारायण उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और युवा मौजूद रहे।
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