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    SCO में Iran के FM Araghchi का Washington को दो टूक: US दादागिरी नहीं सहेंगे

    11 hours ago

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    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने फिर से कहा कि तेहरान अमेरिकी दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा और देश किसी भी तरह के ज़बरदस्ती या बल-प्रयोग को स्वीकार नहीं करेगा। 'प्रेस टीवी' की एक रिपोर्ट के अनुसार, किर्गिस्तान के चोलपोन-अता में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अरागची ने राजनयिक माध्यमों से जुड़ी चर्चाओं पर बात की। इसे भी पढ़ें: Iran-US के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश कर रहा Pakistan बुरा फँसा, Asim Munir की Secret Deal के खुलासे से चारों ओर हड़कंपबैठक के दौरान हुई द्विपक्षीय बातचीत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच मुख्य बाधा बातचीत के रास्तों की कमी नहीं है, बल्कि अमेरिका का धौंस जमाने और ज़बरदस्ती करने पर लगातार निर्भर रहना है। अरागची ने ज़ोर देकर कहा कि ईरान ने दिखा दिया है कि वह अमेरिका की धौंस के आगे नहीं झुकेगा और किसी भी हाल में बल, दबाव और धमकियों की भाषा का जवाब नहीं देगा।उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्रस्तावों पर पाकिस्तान के साथ बातचीत करना एक स्वाभाविक कदम है, क्योंकि पाकिस्तान इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभाता है। तेहरान का मुख्य रुख बताते हुए अरागची ने कहा कि ईरानी लोगों की सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के हितों की रक्षा करना हमारे सिद्धांतों में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरानी लोगों के जायज़ मकसद और मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम स्वाभाविक रूप से अपने रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "हम धमकियों से डरते नहीं हैं, न ही दबाव में झुकेंगे, और हम धमकी भरी भाषा बर्दाश्त नहीं करते। इसे भी पढ़ें: Analysis Pakistan Nuclear History: पाकिस्तान के परमाणु इतिहास का US-सऊदी अरब न्यूक्लियर डील पर क्या पड़ेगा असर?अरागची ने कहा कि ईरान की सेनाएं मोर्चे पर और उसके राजनयिक अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की सेवा में एक-दूसरे के पूरक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने SCO (जिसे उन्होंने एक प्रगतिशील संगठन बताया) के सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे वाशिंगटन और उन पश्चिमी संस्थाओं के एकतरफा एजेंडे का मुकाबला करें जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर हावी होना चाहती हैं। 
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