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    शोएब हत्याकांड- 4 गोलियां शरीर, 5 कार में धंसी:पुलिस ने लखनऊ से 3 लड़कों को उठाया; बाराबंकी में पत्नी ने कराई FIR

    6 hours ago

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    बाराबंकी में माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी हिस्ट्रीशीटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी की शुक्रवार दोपहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह 50 साल का था। वारदात दोपहर डेढ़ बजे हुई, जब वह कार से लखनऊ से बाराबंकी जा रहा था। देर शाम शोएब का पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसके शरीर पर 4 गोलियां लगी हैं। एक जबड़े में, दूसरी दाएं हाथ, तीसरी सीने में और एक गोली पैर में लगी है। शोएब की कार में 5 गोलियां लगी हैं। एक बोनट, 3 शीशों में और एक ड्राइवर साइड के गेट पर। फोरेंसिक रिपोर्ट्स के मुताबिक 9 mm, 32 बोर पिस्टल से गोलियां चलाई गईं। हत्या क्यों की गई? ये अब तक क्लियर नहीं हो पाया है। पुलिस ने खुलासे के लिए 7 टीमें बनाई हैं। बाराबंकी SOG टीम ने शुक्रवार रात को लखनऊ से तीन लोगों को उठाया गया है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया, सीसीटीवी से पता चला है कि कचहरी में शोएब की पिछले तीन दिन से तीन-चार लड़के रेकी कर रहे थे।' STF की मामले की जांच में जुट गई है। पत्नी शाजिया ने कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। शनिवार यानी आज शोएब का सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। तनाव को देखते हुए इलाके में 100 से ज्यादा पुलिसवाले तैनात हैं। शोएब वकील भी था। वारदात के बाद उसके साथी वकीलों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया। फिर बस अड्‌डे के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। हंगामा बढ़ता देख एसपी ने वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को कार्यालय बुलवाकर समझाया। वकीलों ने प्रार्थना पत्र देकर 48 घंटे में बॉबी के हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए- लखनऊ से शुरू की रेकी, हाईवे से उतरते ही बरसाईं गोलियां शुक्रवार को शोएब अपनी बलेनो कार लखनऊ से बाराबंकी आ रहा था। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने लखनऊ से निकलते ही उसकी रेकी शुरू कर दी थी। हाईवे पर तेज रफ्तार कार पर बदमाश हमला नहीं कर सके। जैसे ही शोएब ने गाड़ी सर्विस लेन पर उतारी और रफ्तार कम हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 100 मीटर आगे बढ़ते ही बाइक सवार दो हमलावर बगल से निकलकर सामने आ गए। जब तक शोएब कुछ समझ पाता, तब तक एक ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। दूसरा हमलावर कार की ड्राइविंग सीट वाले गेट के पास पहुंचा और पास जाकर कई गोलियां मारीं। दो मिनट में पूरे हत्याकांड को अंजाम देकर हमलावर फुल स्पीड में बाइक भगाकर अयोध्या की तरफ भाग गए। बदमाशों ने 15 गोलियां चलाईं, अयोध्या की तरफ भागे पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शोएब पर 15 से ज्यादा गोलियां चलाई गईं। वारदात के बाद हमलावर अयोध्या की तरफ फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल पहुंची और शोएब को अस्पताल ले आई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर असेनी मोड़ के पास हुई थी। हत्याकांड की सूचना पर IG प्रवीण कुमार, डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्तार की मौत के बाद गैंग के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और आपसी रंजिश चल रही थी। 12 मुकदमे थे, एक भाई इंग्लैंड में, दूसरा वकील शोएब पर हत्या, रंगदारी और गैंगवार से जुड़े 12 मुकदमे दर्ज थे। उसका बाराबंकी के सिविल लाइन इलाके में मकान है। कचहरी में वह 15 साल से वकालत कर रहा था। राजनीति में भी सक्रिय था। बाराबंकी के बंकी ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख का निर्दलीय चुनाव लड़ चुका था, लेकिन हार गया था। शोएब तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। परिवार में पत्नी शाजिया खान और 15 साल का बेटा अरमान किदवई है। अरमान लखनऊ के एक स्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र है। उसकी ससुराल लखनऊ के मलिहाबाद में है और गोमती नगर में भी एक मकान है। बड़े भाई जावेद बाराबंकी में वकील हैं। छोटा भाई सोहेल किदवई इंग्लैंड में रहता है। एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। मुख्तार गैंग के लिए जमीन कब्जाने, ठेकेदारी में दखल देने और विरोधियों को ठिकाने लगाने में उसकी अहम भूमिका रहती थी। शोएब पर मुख्तार को बुलेटप्रूफ एंबुलेंस दिलाने का भी लगा था आरोप बॉबी मुख्तार के गैंग IS 191 का सदस्य था। मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को बांदा जेल में हार्ट अटैक से मौत हुई थी। इससे पहले वह पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। पंजाब की मोहाली कोर्ट में पुलिस ने बाराबंकी नंबर (UP 41 AT 7171) की एम्बुलेंस से लाकर मुख्तार को पेश किया था इसके बाद एम्बुलेंस रूपनगर जिले में रोपड़ जेल से 15 किमी दूर चंडीगढ़-नांगल हाइवे पर एक सड़क के किनारे ढाबे के पास लावारिस हालत में मिली थी। एम्बुलेंस में लग्जरी सुविधाएं थीं। वह बुलेटप्रूफ थी। बाराबंकी परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने दस्तावेजों की पड़ताल की। इसमें पाया गया कि परिवहन विभाग में मऊ स्थित श्याम संजीवनी हॉस्पिटल का लेटर और डॉक्टर अलका राय का वोटर कार्ड लगाया गया था। लेकिन, रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट व मकान का पता फर्जी पाया गया। इस केस में बाराबंकी के ARTO ने डॉक्टर अलका राय के नाम नगर कोतवाली में IPC की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 की धाराओं में दर्ज कराया। तब आरोप था कि शोएब ने मुख्तार अंसारी को बाराबंकी में जाली दस्तावेजों का प्रयोग कर एम्बुलेंस रजिस्टर करने में मदद की थी। जेल अधीक्षक हत्याकांड से सुर्खियों में आया था शोएब शोएब बॉबी का नाम चर्चित जेल अधीक्षक रमाकांत तिवारी हत्याकांड में सामने आया था। रमाकांत तिवारी की हत्या चार फरवरी 1999 को की गई थी। वह तत्कालीन लखनऊ डीएम सदाकांत के आवास से बैठक कर शाम सात बजे लौट रहे थे। राजभवन के पास पहुंचते ही बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हत्याकांड में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, सपा के बागी विधायक अभय सिंह, चंदन नेगी, बउवा तिवारी समेत दर्जन भर से अधिक लोग नामजद हुए थे। चंदन नेगी की लखनऊ में 16 फरवरी 2002 को हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बउवा तिवारी 13 मार्च, 2002 को पुलिस एनकाउंटर में कुकरैल के पास मारा गया था। बाकी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया था। हत्याकांड की बीच मुख्तार के चचेरे भाई ने वापस ली जमानत याचिका शोएब किदवई की हत्या के बाद माफिया मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू ने गुरुवार को गाजीपुर की MP-MLA कोर्ट से अपनी जमानत अर्जी वापस ले ली। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उसकी इस मांग पर सभी हैरान रह गए। माना जा रहा है कि अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकाओं के चलते उसने ऐसा किया है। मुहम्मदाबाद का निवासी गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू पर हत्या के एक मामले में 25 हजार रुपए का इनाम था। वह पिछले 2 साल से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तन्नू का नाम 2001 के चर्चित उसरी गैंगवार के गवाह और मनोज राय अपहरण-हत्याकांड में वांछित होने के आरोपों से जुड़ा है। बक्सर निवासी शैलेंद्र राय ने अपने बेटे मनोज राय के अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कराया था। शुक्रवार को जज शक्ति सिंह की कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गौस मोहिउद्दीन के खिलाफ आरोप तय कर दिए। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। इसी केस में उसने जमानत अर्जी दाखिल की थी। ----------------- यह खबर भी पढ़िए:- देवर-भाभी चॉकलेट डे पर बिस्तर पर पकड़े गए:आगरा में बचने के लिए पति को मारकर लटकाया, परिवार ने सुसाइड मानकर बॉडी जलाई चॉकलेट डे मनाने के लिए देवर को बुलाया था। हम दोनों एक साथ बेड पर थे। पति घर लौटा, तो हम दोनों को देखकर आगबबूला हो गया। इसलिए उसकी हत्या करनी पड़ी। ये कहना है आगरा की महिला का, जिसने देवर के साथ मिलकर अपने पति को मार दिया। वारदात को सुसाइड दिखाने के लिए शव को फंदे पर लटकाया। परिजनों ने भी मामले को सुसाइड मानकर पति का अंतिम संस्कार कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
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