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    शाहजहांपुर में तहसीलदार को बंधक बनाने के वीडियो सामने आए:कार्यालय में तीन घंटे हंगामा, मनाने आए सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम और इंस्पेक्टर को वापस जाना पड़ा

    14 hours ago

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    शाहजहांपुर की सदर तहसील में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को उनके कार्यालय में तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान अधिवक्ताओं और तहसीलदार के बीच तीखी बहस हुई। देर रात घटना के तीन वीडियो भी सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर को अधिवक्ताओं ने तहसीलदार सतेंद्र कटियार के कार्यालय का घेराव किया और अंदर से गेट बंद कर दिया। अधिवक्ताओं का आरोप था कि तहसील में पिछले काफी समय से दैनिक कार्यों में लापरवाही बरती जा रही थी और उन्हें कागजी कार्रवाई के लिए टहलाया जा रहा था। शुक्रवार को जब अधिवक्ता अपने काम के लिए तहसीलदार कार्यालय पहुंचे, तो उनके काम को मना कर दिया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं और तहसीलदार के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे विवाद बढ़ गया और अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को बंधक बना लिया। हंगामे की सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर और थाना प्रभारी अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने तहसीलदार को अधिवक्ताओं के घेराव से निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचाया। सामने आए वीडियो में अधिवक्ताओं द्वारा गेट बंद करने और बहस करते हुए देखा जा सकता है। घटना के बाद सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र सिंह सदर तहसील पहुंचे और अधिवक्ताओं से बातचीत की। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट ने बाद में एसडीएम और इंस्पेक्टर के साथ मिलकर अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अधिवक्ता कार्यालय के अंदर बात करने के बजाय कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद अधिवक्ताओं ने एसडीएम की गाड़ी के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह धरना करीब पांच घंटे तक चला, जिसके बाद इसे समाप्त किया जा सका। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि यहां आम जनता के साथ साथ अधिवक्ताओं का ही उत्पीड़न किया जा रहा है। विधायक और मंत्री से लेकर उच्च अधिकारी इस ओर ध्यान नही दे रहे हैं। कई बार कलेक्ट्रेट में उच्च अधिकारियों से इस परेशानी से अवगत कराया गया लेकिन कोई समाधान नही कराया गया ।उन्होंने चेतावनी दी कि अधिवक्ताओं का उत्पीड़न आने वाले चुनाव में सरकार पर भारी पड़ेगा।
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