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    शाहजहांपुर पुलिस ने 2 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी:फर्जी फर्मों से कर चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

    17 hours ago

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    शाहजहांपुर पुलिस ने फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर करीब दो करोड़ रुपये की कर चोरी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी दिल्ली, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और शामली के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से एक कार, बिल्टी बुक और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई नवंबर माह में रोजा थाने में दर्ज जीएसटी कर चोरी की एफआईआर के बाद की गई। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी, सर्विलांस सेल, गैंगस्टर सेल और रोजा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। मुखबिर की सूचना पर टीम ने अटसलिया पुल के पास घेराबंदी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी अखिलेश, गाजियाबाद निवासी विपिन, मुजफ्फरनगर निवासी शिवओम उर्फ सुमित और शामली निवासी राहुल राणा के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बिहार राज्य में फर्जी जीएसटी फर्मों को कूटरचना कर अन्य व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत कराते थे और उन्हीं के नाम से ई-वे बिल व बिल्टी तैयार करते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी गोरखपुर, आजमगढ़ और कुशीनगर से स्क्रैप खरीदकर मुजफ्फरनगर में सप्लाई करते थे। विपिन फर्जी बिल्टी पर हस्ताक्षर करता था, जबकि राहुल फर्जी ई-वे बिल तैयार कराता था। शिवओम स्क्रैप ले जाने वाले वाहनों के नंबर उपलब्ध कराता था। फर्जी दस्तावेज तैयार होने के बाद सुमित और राहुल व्हाट्सएप के माध्यम से इन्हें चालकों को भेजते थे। वहीं अखिलेश और विपिन मोबाइल के जरिए चालकों को यह निर्देश देते थे कि गाड़ी किस समय और किस मार्ग से निकाली जाए, क्योंकि उन्हें जीएसटी अधिकारियों की चेकिंग के समय की जानकारी रहती थी। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने “ब्रदर्स लॉजिस्टिक” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था, जिसमें विपिन, अखिलेश और राहुल सदस्य थे। इसी माध्यम से कूटरचित दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर कर चोरी की जाती थी। पुलिस के मुताबिक 28 और 29 नवंबर 2025 को उनकी तीन गाड़ियां शाहजहांपुर में पकड़ी गई थीं, जिन्हें छुड़ाने के लिए विपिन और अखिलेश यहां आए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि चालक मेहरवान, केश्वर पटेल और नंदलाल भगत पहले से उनके संपर्क में थे और कई बार फर्जी जीएसटी फर्मों के नाम पर स्क्रैप मुजफ्फरनगर ले जा चुके थे। पुलिस के अनुसार 14 फरवरी 2026 को जिस कार से आरोपी आ रहे थे, उसे अखिलेश ने स्क्रैप से अर्जित अवैध धन से खरीदा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शिवओम स्क्रैप खरीदकर विभिन्न फैक्ट्रियों में बेचता था और प्रति टन एक हजार रुपये की दर से राशि अखिलेश, विपिन और राहुल को देता था, जिसमें 400 रुपये राहुल तथा 300-300 रुपये विपिन और अखिलेश को मिलते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब तक यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से करीब 200 से 250 स्क्रैप से लदी गाड़ियों को पार करा चुका है। मामले में आगे की जांच की जा रही है और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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