Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    शहीदों के बलिदान से कायम है शांति, पुलिस की वर्दी बने जनसेवा का प्रतीक: Nagaland ADGP

    5 hours from now

    1

    0

    (प्रादे27 आवश्यक सुधार के साथ रिपीट) कोहिमा, 21 अक्टूबर नगालैंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) रेंचामो पी किकोन ने बुधवार को कहा कि पुलिस की वर्दी जनता के भरोसे, सुरक्षा और बलिदान का प्रतीक होनी चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, पेशेवर दक्षता और समर्पित जनसेवा के जरिए शहीद साथियों की विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। नगालैंड पुलिस मुख्यालय में पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए किकोन ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का सम्मान करने का सबसे अच्छा तरीका उन आदर्शों पर चलना है, जिनके लिए उन्होंने अपना जीवन बलिदान कर दिया।उन्होंने अपराध रोकने, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की ईमानदारी तथा संवेदनशीलता के साथ सेवा करने की प्रतिबद्धता मजबूत करने को कहा। किकोन ने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान देशभर में 154 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान मौत हुई।उन्होंने कहा कि समाज में बनी हुई शांति पुलिसकर्मियों के बलिदान से कायम है और नगालैंड पुलिस शहीद जवानों के परिवारों को लगातार सहयोग देती रहेगी। किकोन ने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में लापता साथियों की तलाश कर रहे 20 सदस्यीय पुलिस दल पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। इस दल का नेतृत्व उप केंद्रीय खुफिया अधिकारी करम सिंह कर रहे थे।हमले में 10 पुलिसकर्मी मारे गए थे। उन्हीं की याद में हर साल पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि नगालैंड पुलिस के नौ सदस्यों का दल सात राज्यों से गुजरने वाली 2,845 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल यात्रा पर सात अक्टूबर को रवाना हुआ था।दल मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंच चुका है और 31 अक्टूबर को गुजरात के केवड़िया में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होगा। समारोह में शहीद पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े गए और स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए गए। किकोन ने कहा कि शहीदों का साहस पुलिसकर्मियों के दैनिक कार्यों और नागरिकों की सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का मार्गदर्शन करना चाहिए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    'तुम्हें इस तरह मारूंगी कि लोग याद रखेंगे': लखनऊ कैफे मालिक शिवा शर्मा हत्याकांड में मॉडल श्रद्धा दुबे की खौफनाक ऑडियो क्लिप वायरल
    Next Article
    Priyank Kharge ने RSS को घेरा, कहा- दिखावा छोड़ खुद को Political Party के रूप में दर्ज कराएं

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment