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    शंकराचार्य बोले- जो गोमाता के साथ नहीं, वह कसाई:काशी में संतों से पूछा- आप गाय या आय के साथ; अब धर्म युद्ध होगा

    12 hours ago

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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार को गोमाता के मुद्दे को लेकर फिर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 10 दिन में सभी संत, धर्माचार्य और धार्मिक संगठन अपना पक्ष घोषित करें। सभी यह सार्वजनिक करें कि वे गोमाता के साथ हैं या नहीं। जिससे अगले ‘धर्म युद्ध’ में पक्ष और प्रतिपक्ष साफ हो सके। इस दौरान शंकराचार्य ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी का बयान भी शेयर किया। इस रविंद्र पुरी कह रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री के साथ हैं। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि अगर सभी अखाड़ों से चर्चा हो चुकी है, तो उसका लिखित प्रस्ताव सार्वजनिक किया जाए। नहीं तो इसे व्यक्तिगत मत ही माना जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और सत्य में अंतर होता है। सत्ता के साथ भीड़ हो सकती है, लेकिन सत्य अकेला होकर भी भारी पड़ता है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… योगी गोमाता को राज्य माता कहने में संकोच कर रहे शंकराचार्य ने सीधे मुख्यमंत्री योगी से मांग की कि वे सार्वजनिक रूप से गाय को 'मां' या ‘राज्य माता’ घोषित करें। अगर राज्य के शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति गाय को मां कहने में संकोच कर रहे, तो यह साफ संकेत है कि वे गो संरक्षण के मुद्दे पर पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा- जो गाय को पशु सूची में रखकर संतुष्ट है और जो उसे मां कहता है, दोनों में अंतर है। यही अंतर आज दिखाई दे रहा है। शंकराचार्य ने ‘धर्म युद्ध’ की चेतावनी दी शंकराचार्य ने संतों, महात्माओं, विद्वानों और स्वयं को धर्मगुरु कहने वालों से कहा कि वे एक निर्धारित तारीख से पहले अपना पक्ष तय कर लें। इसके बाद गोरक्षा को लेकर ‘धर्म युद्ध’ शुरू होगा। इसमें जनता को साफ होना चाहिए कि कौन किस पक्ष में खड़ा है? यह संघर्ष किसी अन्य धर्म के खिलाफ नहीं, वर्तमान में हो रही गोहत्या के मुद्दे पर है। यह सब हिंदुओं के शासनकाल में हो रहा है। इसलिए जिम्मेदारी भी हिंदू समाज के भीतर ही तय होगी। ‘असली और नकली हिंदू’ की पहचान शंकराचार्य ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज को बांटना नहीं है, बल्कि असली और नकली हिंदुओं की पहचान कराना है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सत्य और असत्य, दोनों को एक साथ रखा जाना चाहिए? जो हमारी गोमाता को अपनी मां मानता है, वही हमारा भाई है। जो मां कहने में असमर्थ है, वह हमारे साथ नहीं है। उसे कसाई समझा जाएगा। संत समाज में समर्थन के दावे शंकराचार्य ने कहा कि कई संतों और महंतों के समर्थन के वीडियो हमारे पास पहुंच चुके हैं। अखिल भारतीय आर्यावर्त सुदर्शन साधु मंडल के राष्ट्रीय सचिव श्री भगवान जी ने भी साथ होने का दावा किया है। धीरे-धीरे यह साफ हो जाएगा कि कौन गोरक्षा के पक्ष में खड़ा है। शंकराचार्य ने कहा कि हमारा एजेंडा धार्मिक है और इसे चलाया जाना चाहिए। जो लोग इस एजेंडे से सहमत हैं, वे हमारे साथ आएं। जो असहमत हैं, वे विपक्ष में खड़े हों। उन्होंने उपनिषदों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो धर्मनिष्ठ होता है, जनता उसके पास स्वयं जाती है। ----------------- यह खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद बोले- डिप्टी सीएम पाप धोने-पोंछने का काम कर रहे:उनके पास पावर ही नहीं; योगी असली हिंदू या फिर वेशधारी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सीएम योगी पर हमलावर हैं। उन्होंने गुरुवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव मौर्य भाजपा को हो रही क्षति को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ये मठाधीश महाराज हठ पर उतारू हैं। कालनेमि कौन है? इसका स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। ये असली हिंदू हैं या फिर छल, वेशधारी और ढोंगी आचरण के हैं। अविमुक्तेश्वरानंद ने संत समाज को अल्टीमेटम दिया। कहा- 10 दिन में बताएं कि आप किसके साथ हैं। जो उनके पक्ष में होगा, उसके साथ भी सीएम जैसा व्यवहार किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें
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