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    शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष महाराज कौन:रामभद्राचार्य ने दीक्षा दी; 2 शिष्यों ने रेप की कहानी सुनाई, तो कोर्ट पहुंचे

    5 hours ago

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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण की FIR दर्ज करने के आदेश शनिवार को प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने दिए। इस केस की पैरवी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज कर रहे थे। उन्होंने कोर्ट में 2 बच्चों को पेश करके यह आरोप लगाए थे। आशुतोष महाराज की पैरवी के बाद कोर्ट ने शंकराचार्य के खिलाफ आदेश दिया। दरअसल, आशुतोष ब्रह्मचारी कांधला के प्राचीन शाकंभरी सिद्ध पीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े हुए हैं। 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी। इसके बाद वो सुर्खियों में आए। शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद आशुतोष महाराज पर लगे आरोप भी सामने आए। जिसमें शंकराचार्य ने खुद कहा- आशुतोष महाराज खुद गो हत्या में शामिल रहते हैं। वो खुद गो हत्यारों के संपर्क में रहते हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं। शामली के एक पंडित परिवार में जन्मे आशुतोष के पिता रोडवेज बस में कंडक्टर थे। 2022 में रामभद्राचार्य से दीक्षा लेने के बाद वे सन्यासी जीवन जी रहे हैंद। वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में मुख्य पक्षकार भी हैं। आशुतोष महाराज को जानिए… पंडित परिवार में जन्म, पिता बस कंडक्टर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली जिले के कांधला कस्बे के एक पंडित परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर की करते थे। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज बचपन से ही भक्ति भाव में रहते थे। जहां उन्होंने घर के नजदीक एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई की। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के परिवार में 6 बहन भाई हैं। इनमें सबसे बड़े आशुतोष पांडे उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज हैं। उनके बाद विनीत पांडे, शशांक पांडे, शुभम पांडे और उनकी बहन मानसी पांडे और सृष्टि पांडे हैं। पढ़ाई के साथ ही वो अध्यात्म से जुड़ गए थे। घंटों पूजा करते थे। 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद वो ज्यादातर वक्त मंदिर में बैठने लगे। पूजा करते और ध्यान लगाए दिखते थे। बाद में वह कांधला के प्राचीन शाकंभरी सिद्धप्पीठ मंदिर की कमेटी से जुड़ गए। अब मौजूदा वक्त में प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे उसमें पुजारी हैं। चाचा प्रदीप पांडेय के मुताबिक, 2022 में जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य जी ने महाकुंभ के दौरान उन्हें दीक्षा दी। इसके बाद आशुतोष महाराज लगातार समाज सेवा के कामों में लग गए। जगतगुरु रामभद्राचार्य और प्राचीन सिद्ध पीठ कृष्ण जन्मभूमि के साथ जुड़े हुए हैं। जानिए आशुतोष महाराज कैसे सुर्खियों में आए आशुतोष महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया प्रयागराज में माघ मेले में मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अवि मुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच हुआ विवाद हुआ। देशभर के साधु-संतों ने रिएक्शन दिया। कोई पक्ष में आया तो कोई विरोध करने लगा। इन सबके बीच जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज एकाएक सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए। पहले तो उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद का विरोध किया। फिर उनके खिलाफ प्रयागराज कमिश्नर थाने में तहरीर दे डाली। इसके बाद आशुतोष महाराज ने प्रयागराज के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रेप एवं पाक्सो विशेष न्यायालय) में वाद दाखिल कर यौन शोषण समेत अन्य गंभीर आरोप लगा दिए। पॉक्सो कोर्ट ने आशुतोष महाराज के वाद पर फैसला सुरक्षित कर लिया। 21 फरवरी को कोर्ट ने शंकराचार्य पर FIR के आदेश जारी किए।
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