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    श्रावस्ती में भ्रष्टाचार के आरोप में दो उपनिरीक्षक निलंबित:गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर विभागीय जांच के आदेश

    7 hours ago

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    श्रावस्ती में भ्रष्टाचार के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई देवीपाटन परिक्षेत्र की भ्रष्टाचार निरोधी सेल द्वारा की गई गोपनीय जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद की गई। पहला मामला ग्राम छोटा गुलौरा, थाना नानपारा निवासी राजेंद्र वर्मा से जुड़ा है। उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन नंबर 8467919487 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 20 जून 2025 को थाना हरदत्तनगर गिरण्ट, श्रावस्ती में तैनात उपनिरीक्षक अंकुर वर्मा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे और उन्हें थाने ले गए। आरोप है कि सुबह करीब चार बजे छोड़ने के एवज में एक स्थानीय दलाल के माध्यम से 1 लाख 30 हजार रुपये वसूले गए। दूसरा मामला ग्राम हल्लाजोत, थाना भिनगा निवासी फूलमती से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी से विवाद के मामले में मुकदमा दर्ज कराने और विपक्षी पर कार्रवाई के नाम पर प्रभारी जेल चौकी, थाना भिनगा के उपनिरीक्षक एस.एन. यादव ने एक दलाल के जरिए 2 हजार रुपये लिए। फूलमती का कहना है कि धनराशि लेने के बावजूद उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस संबंध में भी भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर शिकायत की गई थी। दोनों मामलों का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक, देवीपाटन परिक्षेत्र के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधी सेल ने गोपनीय जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद जनपद स्तर पर विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें भी दोनों मामलों में आरोप सही पाए गए। जांच में दोषी पाए जाने पर उपनिरीक्षक अंकुर वर्मा (थाना हरदत्तनगर गिरण्ट) और उपनिरीक्षक एस.एन. यादव (प्रभारी जेल चौकी, थाना भिनगा) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उत्तर प्रदेश के अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दंड एवं अपील) नियमावली-1991 के नियम 14(1) के तहत दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लिप्तता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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