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    Strait of Hormuz में व्यवधान कोई दूर की घटना नहीं, इसका भारत पर सीधा प्रभाव, राजनाथ सिंह के बताई 'कड़वी सच्चाई'

    3 hours from now

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    पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और युद्ध की स्थिति के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर महत्वपूर्ण बयान दिया है। जर्मनी की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के पहले दिन, सिंह ने रक्षा एवं सुरक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में अस्थिरता भारत के लिए कोई दूर की कौड़ी नहीं, बल्कि एक सीधा खतरा है। सिंह ने जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन रक्षा एवं सुरक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि आज दुनिया नए सुरक्षा खतरों का सामना कर रही है और तकनीकी परिवर्तन ने स्थिति को बेहद जटिल एवं परस्पर संबंधित बना दिया है।इसे भी पढ़ें: Hansi Flick के आते ही Barcelona में बड़े बदलाव की आहट, नई Team बनाने का प्लान हुआ तैयार मंत्री ने कहा कि बदलते परिवेश के अनुकूल ढलने की तत्परता के साथ एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है। सिंह ने भारत और जर्मनी के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने की भी पुरजोर वकालत की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की जर्मनी यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में 50 दिनों से अधिक समय से संघर्ष जारी है और इसके वैश्विक परिणाम सामने आ रहे हैं।इसे भी पढ़ें: Imphal में फिर तनाव, मशाल Rally के दौरान Security Forces से भिड़े प्रदर्शनकारी, जमकर पत्थरबाजी सिंह ने कहा, “भारत जैसे विकासशील देश के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान कोई दूर की घटना नहीं बल्कि यह एक गंभीर वास्तविकता है, जिसका हमारी सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर सीधा प्रभाव पड़ता है।” उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के एक महत्वपूर्ण हिस्से के लिए पश्चिम एशियाई क्षेत्र पर निर्भर है।रक्षा मंत्री की यह जर्मनी यात्रा सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है, राजनाथ सिंह का यह बयान भारत की भविष्य की सुरक्षा चिंताओं और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक स्पष्ट संकेत है। भारत अब केवल मूकदर्शक नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा के प्रति सचेत और सक्रिय भागीदार के रूप में उभर रहा है। 
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