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    टीचर के टॉर्चर से तंग आकर छात्रा ने किया सुसाइड:कानपुर में बोली- मैं जिंदा लाश बन गई हूं, मुझसे जिया नहीं जाएगा

    3 hours ago

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    कानपुर में टीचरों की प्रताड़ना से तंग आकर 10वीं की छात्रा ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मां ने उसे कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा, जिस पर भाई उसके कमरे में पहुंचा तो छात्रा फंदे से लटकती मिली। सुसाइड करने से पहले छात्रा ने अपने साथियों को वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी, जिसमें उसने कहा कि मेरे से जिया नहीं जाएगा… मैं एक जिंदा लाश बनकर रह गई हूं… अब मुझे जीने की इच्छा नहीं है। उसने अपने भाई से कहा था कि मुझे बहुत डर लगता है। मां इतना मुझ पर पैसा खर्च कर रही हैं, कहीं उनका पैसा बर्बाद न हो जाए। भाई ने बताया- टीचर उसे बहुत परेशान करते थे। ताने मारते थे कि नंबर अच्छे नहीं आएंगे। हालांकि, दो दिन पहले CBSE के रिजल्ट में उसे 92% नंबर मिले थे। हाईस्कूल में आए थे 92 प्रतिशत नंबर रतनपुर शिवालिका भवन निवासी वैशाली सिंह (16) अर्मापुर स्थित केंद्रीय विद्यालय–1 में 10वीं की छात्रा थी। बुधवार को जारी CBSE बोर्ड के रिजल्ट में उसने 92% नंबर मिले थे। परिवार में मां काजल और भाई प्रिंस है। पिता वीरेंद्र सिंह की 2 साल पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद मां काजल एक कपड़े के शोरूम में काम कर घर के खर्चे संभालने लगीं। गुरुवार शाम करीब 5.30 बजे काजल ने बेटी वैशाली को फोन किया, लेकिन उसने कॉल नहीं उठाई। इस पर उन्होंने बेटे प्रिंस को फोन कर वैशाली से बात कराने को कहा। प्रिंस पहली मंजिल पर बहन वैशाली के कमरे में पहुंचा तो उसका शव फंदे से लटकता मिला। उसने परिवार वालों और पनकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने वैशाली का मोबाइल कब्जे में लिया। जांच की तो कुछ वॉयस रिकॉर्डिंग मिली, जो उसने अपनी फ्रेंड को भेजे थे। भाई बोला- टीचर बहन को टॉर्चर करते थे भाई प्रिंस ने बताया कि मैं भी उसी केंद्रीय विद्यालय में 11वीं का छात्र था। नंबर अच्छे नहीं आते थे। 11 अक्टूबर 2024 को पिता की मौत के बाद हमने पढ़ाई छोड़ दी। पढ़ाई छोड़ने के बाद स्कूल के टीचरों ने मुझसे तुलना करते हुए मेरी बहन को टॉर्चर करना शुरू कर दिया था। वह अक्सर कहते थे कि तुम प्रिंस की बहन हो, उसी की तरह शैतानी करती हो, तुम्हारे भी नंबर अच्छे नहीं आएंगे। जिससे वह परेशान रहने लगी थी। घर आती और मां से खूब रोती थी। कहती थी- जिन टीचर ने गलत बोला, उन्हें साबित कर दिखाऊंगी भाई ने कहा- मां ने वैशाली को बहुत समझाया कि मन लगाकर पढ़ो और अपने को साबित करो। इसके बाद वह खूब पढ़ने लगी थी। वह कहती थी कि जिन टीचरों ने उसे गलत बोला, उनको साबित करके दिखाऊंगी। 10वीं में उसके टेस्ट में अच्छे मार्क्स आने लगे थे। टीचरों के हैरेसमेंट के कारण वह बहुत तनाव में रहने लगी थी। उसने हंसना भी बंद कर दिया था। --------------------- ये खबर भी पढ़िए- एनकाउंटर में घायल बदमाश हैलट अस्पताल से भागा: पुलिस ने झाड़ी से पकड़ा, सुरक्षा में 4 पुलिसवाले लगे थे; हाईवे पर बाइक लूटी थी कानपुर में पुलिस की गिरफ्त से एक शातिर बदमाश शुक्रवार सुबह अस्पताल से भाग गया। बर्रा में मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद उसे माइनर ऑपरेशन थियेटर में एडमिट कराया गया था। उसे तीन दरोगा और एक सिपाही की सुरक्षा में लाया गया था। पढ़ें पूरी खबर…
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