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    टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन:जालौन में हजारों शिक्षकों ने निकाला मशाल जुलूस

    2 hours ago

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    जालौन जिले के उरई शहर में सोमवार शाम टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों और कर्मचारियों का जोरदार आक्रोश देखने को मिला। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (AIJTF) के आह्वान पर जिले भर से पहुंचे हजारों शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने बीएसए (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय से अंबेडकर चौराहा तक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह मशाल जुलूस शाम करीब 5:30 बजे शुरू होकर लगभग 7:30 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक हाथों में मशाल और विरोधी तख्तियां लिए शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान “NO TET BEFORE RTE ACT” के नारे गूंजते रहे और शिक्षक एकजुट होकर अपनी मांगों को बुलंद करते नजर आए। इस संयुक्त आंदोलन में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, अटेवा पुरानी पेंशन बहाली मंच, एससी/एसटी (बेसिक) टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन, यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन (यूटा), विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, टीएससीटी सहित कई संगठनों ने भागीदारी की। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना था कि टीईटी की अनिवार्यता उनके हितों के खिलाफ है और इससे उनके सेवा अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका तर्क था कि उनकी नियुक्ति के समय टीईटी लागू नहीं था और उन्होंने उस समय की सभी निर्धारित योग्यताओं को पूरा कर नौकरी हासिल की थी। ऐसे में बाद में लागू किए गए नियमों को पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायसंगत नहीं है। शिक्षकों ने यह भी आशंका जताई कि इस निर्णय का असर उनकी पेंशन और अन्य सेवा सुविधाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाए। साथ ही, सदन में अध्यादेश लाकर इस मुद्दे का समाधान करने की भी मांग की गई। मशाल जुलूस के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित बनाए रखा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान ठाकुरदास यादव, राजेन्द्र राजपूत, सर्वेश शर्मा, सुंदर शास्त्री, राजीव त्रिपाठी, अजय निरंजन, रामप्रकाश गौतम, रामावतार राठौर, निर्पेन्द्र सिंह, उदयकरन राजपूत, धर्मेन्द्र चौहान, आफताब आलम, लोकेश पाल, सुनील निरंजन, भगवती शरण रजक, प्रताप भानु, रामनुग्रह सिंह, आलोक श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक नेता मौजूद रहे।
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