Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    टॉपर्स फाइट, दशमलव में अंकों के अंतर से बदली रैंकिंग:हाईस्कूल में 10 तो इंटर में 11 नंबरों से तय हुई यूपी टॉप 10 की लिस्ट

    2 hours ago

    1

    0

    यूपी बोर्ड हाई स्कूल के इस साल के नतीजों ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि टॉप-10 में जगह बनाना अब सिर्फ मेधावी होना नहीं, बल्कि माइक्रो लेवल पर परफेक्शन हासिल करने जैसा हो गया है। इस बार यूपी टॉप 10 की जंग हाईस्कूल में 10 तो इंटर में महज 11 नंबरों की रही। फाइट इतनी जबरदस्त रही कि दशमलव में अंकों के अंतर से टॉपर्स की रैंकिंग बदल गई। हाईस्कूल में टॉपर्स में 10 नंबरों की जंग में जहां 115 विद्यार्थियों ने जगह बनाई वहीं इंटर में यह संख्या 23 रही। बेहद क्लोज रहा कॉम्पटिशन आंकड़े बताते हैं कि हाईस्कूल में कुल 600 अंकों की परीक्षा में यूपी में पहली रैंक पाने वाले टॉपर ने 587 अंक हासिल किए, जबकि 10वीं रैंक पर आने वाले छात्रों के अंक 577 रहे। यानी टॉप-10 की पूरी रेस महज 10 अंकों के भीतर सिमट गई। प्रदेश स्तर पर टॉप-10 में कुल 115 विद्यार्थियों का आना इस बात का संकेत है कि कॉम्पटिशन कितना क्लोज रहा। औसतन देखा जाए तो हर एक अंक पर करीब 11-12 छात्र मौजूद रहे। सबसे ज्यादा भीड़ 10वीं और 9वीं रैंक पर 10वीं रैंक: 33 छात्र (577 अंक) 9वीं रैंक: 20 छात्र 8वीं रैंक: 18 छात्र निचली टॉप रैंकों (8 से 10) पर सबसे ज्यादा भीड़ दिखती है। इसका मतलब है कि बहुत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लगभग समान प्रदर्शन किया लेकिन कुछ अंकों की कमी से ही वह टॉपर्स लिस्ट में भी पीछे हो गए। मिड रैंक में भी जबरदस्त क्लस्टर 7वीं रैंक: 9 छात्र 6वीं रैंक: 16 छात्र यहां भी संख्या कम नहीं है, जो दिखाता है कि 580+ के आसपास अंक लाने वाले छात्रों की भी बड़ी संख्या रही। टॉप की ओर बढ़ते ही ‘फिल्टर’ और सख्त 5वीं रैंक: 6 छात्र 4वीं रैंक: 4 छात्र 3वीं रैंक: 3 छात्र 1वीं रैंक: 2 छात्र (587 अंक) जैसे-जैसे अंक बढ़ते हैं, कॉम्पटिशन का स्तर और कठिन होता जाता है। टॉप 3 में पहुंचते-पहुंचते छात्रों की संख्या तेजी से घट जाती है, जो बताता है कि 585+ के बाद हर एक अंक बेहद कीमती हो जाता है। इंटरमीडिएट में सात रैंकों पर 20 विद्यार्थियों का कब्जा वही इंटरमीडिएट की टॉपर्स की लिस्ट की बात करें तो इसमें टॉप टेन में कुल 23 छात्र-छात्राओं को जगह मिली है। इसमें पहले रैंक पाने वाले के 500 में से 488 नंबर हैं जबकि 10वीं रैंक पर जगह बनाने वाले दो छात्रों के 477 नंबर हैं यानी टॉपर और टॉपर्स लिस्ट में आखिरी पायदान यानी दसवीं नंबर पर रहने वाले विद्यार्थियों के बीच महज 11 अंकों का फैसला है और इस फासले में कुल 23 विद्यार्थी हैं। इंटरमीडिएट की टॉप 10 लिस्ट में दूसरी, तीसरी, चौथी और 10वीं रैंक पर दो-दो होनहारों ने जगह बनाई है। वहीं छठवीं, सातवीं व आठवीं रैंक पर चार-चार मेधावियों ने कब्जा जमाया। क्या कहता है यह ट्रेंड? जीआईसी के रिटायर प्रिंसिपल वीएन तिवारी बताते हैं, यूपी बोर्ड के टॉपर्स की लिस्ट एक नया ट्रेंड बताती है। इसे देखने से पता चलता है कि अब हाईस्कूल में 96% तो इंटर में 95% मार्क् से ऊपर वाले ही टॉप 10 की लड़ाई में हैं। इसका एक मतलब यह भी है कि टॉपर बनने वालों के लिए मार्जिन ऑफ एरर बहुत कम या लगभग खत्म हो गया है। यानी एक सवाल या आधा नंबर भी रैंक गिरा सकता है, ऐसे में चूक की गुंजाइश ही नहीं है। एक और खास बात, जो इस सूची से पता चलती है, वह यह है कि टॉपर्स के बीच परफेक्शन का स्तर अब उनकी रैंक तय कर रहा है। यह डेटा साफ संकेत देता है कि यूपी बोर्ड में हाई स्कूल की टॉप-10 सूची में जगह बनाना अब पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। यहां सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि निरंतरता, सटीकता और एग्जाम स्ट्रेटेजी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन जरूरी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    झांसी से गांव जा रहे अधेड़ को ट्रक ने कुचला:बेटे के साथ पथरी का इलाज कराने आए थे, पीछे से ट्रक ने रौंद दिया
    Next Article
    सुबह से तपा रही धूप, आज और कल चलेगी लू:कानपुर शहर में तापमान 41 डिग्री पार, रात में भी राहत नहीं

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment