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    ट्रंप ने सेना भेजकर नाइजीरियाई ईसाइयों को बचाया:डॉ. तोगड़िया की मांग: बांग्लादेश में हिंदुओं की रक्षा को सेना भेजे भारत

    22 hours ago

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    अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने रविवार को बरेली के राजेंद्रनगर में हिंदुओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वहां हिंदुओं की हत्याएं हो रही हैं और महिलाओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं। डॉ. तोगड़िया ने केंद्र सरकार से मांग की कि जिस तरह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया में अपनी सेना भेजकर ईसाइयों को बचाया था, उसी तरह भारत सरकार को भी अपनी सेना भेजकर बांग्लादेश के हिंदुओं की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने देश में बढ़ते धर्मांतरण और जनसंख्या असंतुलन पर भी अपनी बात रखी। डॉ. तोगड़िया ने कहा कि एक देश में दो कानून नहीं चल सकते। यदि हिंदुओं को दो बच्चों के बाद सरकारी सुविधाएं नहीं मिलतीं, तो मुसलमानों पर भी यही नियम लागू होना चाहिए। उन्होंने अपना 'जनसंख्या नियंत्रण फॉर्मूला' देते हुए मांग की कि कानून बनने के एक साल बाद यदि किसी परिवार में तीसरा बच्चा पैदा होता है, तो उस परिवार के सरकारी राशन, अस्पताल की दवाएं, स्कूल एडमिशन, बैंक लोन और वोट देने का अधिकार तत्काल प्रभाव से छीन लिए जाने चाहिए। घुसपैठियों के सवाल पर डॉ. तोगड़िया ने 'डीएनए टेस्ट' का नया एजेंडा पेश किया। उन्होंने कहा कि 1951 की मतदाता सूची सार्वजनिक की जाए और आज के मुस्लिमों को अपने पूर्वजों से संबंध साबित करने के लिए कहा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भारतीय मुस्लिम होने का दावा करते हैं, उनके और उनके रिश्तेदारों के डीएनए का मिलान कराया जाए। यदि टेस्ट मैच होता है तो उन्हें नागरिकता मिले और जिनका मैच नहीं होता, उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाए। डॉ. प्रवीण तोगड़िया पेशे से कैंसर सर्जन हैं, लेकिन उनकी पहचान हिंदू राष्ट्रवाद के प्रखर उद्घोषक के रूप में अधिक है। वे लंबे समय तक विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। माना जाता है कि बीते कुछ वर्षों में संघ परिवार से उनके रिश्तों में तल्खी आई है और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के आलोचक बनकर उभरे हैं।
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