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    ट्विशा केस की आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी:जेवर और दस्तावेजों की फाइल उठाई, पुलिस का सायरन सुनकर भागे; दो संदिग्ध हिरासत में

    18 hours ago

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    एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर में चोर घुस गए। उन्होंने सोने के जेवरात समेत गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ सिंह से जुड़े कुछ दस्तावेजों की एक फाइल चुराने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस आने के चलते चोरों को सामान छोड़कर भागना पड़ा। चोरी और माल की जब्ती की पुष्टि एसीपी रजनीश कश्यप ने की है। वारदात के समय गिरिबाला के भाई घर में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोर पिछले हिस्से से घर में दाखिल हुए, इसलिए उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी। इसी दौरान इलाके में गश्त कर रही पुलिस घर के पास पहुंची। उनकी गाड़ी का सायरन सुनते ही बदमाश घबरा गए और सामान छोड़कर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा भी किया लेकिन वे चकमा देने में कामयाब रहे। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इनमें दिखी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रविवार को दो लोगों को हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। गिरिबाला और समर्थ 30 जून तक न्यायिक हिरासत में ट्विशा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह 30 जून तक न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले 16 जून को दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के सामने पेश किया गया था। इस दौरान गिरिबाला सिंह ने कोर्ट से कहा था कि जेल में उन्हें जो हिंदी और अंग्रेजी अखबार दिए जा रहे हैं, उनमें उनके केस से जुड़ी खबरें काटकर अलग कर दी जाती हैं। उन्हें पूरा अखबार पढ़ने को दिया जाए। साथ ही वकीलों से मुलाकात के लिए निर्धारित 20 मिनट की समय-सीमा समाप्त की जाए। मामले की प्रकृति को देखते हुए कानूनी सलाह के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। गिरिबाला ने यह भी मांग रखी थी कि उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ एक ही समय पर अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी जाए। इससे कानूनी रणनीति पर बेहतर समन्वय बन सकेगा। सुनवाई के दौरान गिरिबाला और समर्थ की ओर से ट्विशा के बैंक खाते, 7 लाख रुपए के खर्च, मोबाइल टावर लोकेशन और कार की चाबी से जुड़ी जांच की मांग की गई थी। ट्विशा की दवाइयों की जब्ती का मेमो भी मांगा था गिरिबाला सिंह ने अदालत के सामने आपत्ति जताते हुए कहा था कि ट्विशा के परिजन और रिश्तेदार मीडिया में लगातार बयान दे रहे हैं। इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर उन्हें सार्वजनिक बयान देने से बचने को कहा जाए। जांच के दौरान ट्विशा की दवाइयां जब्त की गई थीं, लेकिन जब्ती पंचनामा (मेमो) की कॉपी गिरिबाला या समर्थ के वकीलों को नहीं दी गई। ये दिलवाई जाए। सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने सीबीआई द्वारा पेश किए गए न्यायिक हिरासत बढ़ाने संबंधी आवेदन की कॉपी भी मांगी थी। कोर्ट के आदेश पर ये उनके वकीलों को दे दिए गए थे। गिरिबाला के कार्यकाल में नियुक्त वकीलों पर उठे थे सवाल इससे पहले 12 जून को ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एमपीएसएलएसए) को शिकायत भेजकर कानूनी सहायता व्यवस्था (लीगल एड) से जुड़े वकीलों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने के लिए नियुक्त लीगल एड से जुड़े कुछ वकील गिरिबाला और समर्थ के पक्ष में सक्रिय हैं। इनकी नियुक्ति उस समय हुई थी, जब गिरिबाला सिंह भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश थीं। नवनिधि शर्मा ने शिकायत के साथ एक फोटो भी भेजा, जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना से जुड़े सहायक अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना, समर्थ सिंह की शादी में डांस करते दिखाई दे रहे हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान भी वे आरोपी पक्ष के निजी वकील के साथ अदालत में मौजूद थे। चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल की जांच कराने की मांग शिकायत में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि 2 जून को सीबीआई द्वारा आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के दौरान उन्होंने वकालतनामा पेश किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब आरोपी पक्ष के पास पहले से निजी अधिवक्ता मौजूद थे, तब लीगल एड से जुड़े वकीलों की सक्रिय भूमिका की जांच होना चाहिए। नवनिधि शर्मा का आरोप है कि गिरिबाला सिंह के कार्यकाल में नियुक्त दो लीगल एड वकील बाद में उन्हीं से जुड़े मामले में आरोपी पक्ष के साथ दिखाई दिए। शिकायत में कहा गया है कि यदि लीगल एड पैनल से जुड़े सदस्य निजी पक्ष की पैरवी कर रहे थे तो इसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई को मिली दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। जांच एजेंसी अब इस रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन कर रही है। दूसरी पीएम रिपोर्ट बंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपी गई है। पढ़ें पूरी खबर…
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