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    देखें बादलों से ढका भव्य राममंदिर और उसमें लहराता ध्वज:रामलला की मनमोहिनी मूरत देख मुग्ध हुए संत और श्रद्धालू बोले- बेहद अद्भुत नजारा है

    3 hours ago

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    आज रात और सुबह बरसात के बाद पूरे दिन अयोया में काले बादल छाए रहे। इस बीच भव्य श्रीराममंदिर की भव्यता श्रद्धालुओं को बेहद मनमोहक लगी। मंदिर में रामलला की मनमोहिनी मूरत देखने के बाद बाहर आ रहे श्रद्धालु बादलों में छिपे राममंदिर को अपलक निहारते रहे। मई माह के प्रथम सप्ताह में हुई हल्की बरसात ने जहां एक ओर किसानों के चेहरों पर खुशी की चमक ला दी, वहीं दूसरी ओर आस्था की नगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं को एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने का अवसर मिला। प्रभु श्रीराम के भव्य धाम राम मंदिर अयोध्या के चारों ओर छाए घने काले बादल और बीच में चमचमाता स्वर्ण शिखर—यह दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रकृति स्वयं भगवान की आरती उतार रही हो।सुबह के समय हजारों श्रद्धालु जब प्रभु श्री रामलला के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, तो उनके सामने प्रकृति और आस्था का अद्वितीय संगम उपस्थित था। मंदिर के चारों ओर काले बादल मंडरा रहे थे, जैसे वे स्वयं मंदिर की परिक्रमा कर रहे हों, और बीच में स्थित स्वर्ण कलश अपनी दिव्य आभा बिखेर रहा था। यह दृश्य इतना मोहक और दुर्लभ था कि श्रद्धालु इसे शब्दों में व्यक्त करने में असमर्थ नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने इस दृश्य की तुलना उत्तराखंड के प्रसिद्ध धामों—बद्रीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर—से की, जहां अक्सर पहाड़ों और बादलों के बीच मंदिर का दिव्य स्वरूप देखने को मिलता है। लेकिन अयोध्या में ऐसा नजारा अत्यंत विरल माना जाता है, जिसने इस दिन को और भी विशेष बना दिया। राजधानी दिल्ली से अयोध्या दर्शन के लिए पहुंचीं श्रद्धालु स्वर्णरेखा गुप्ता ने भावुक होकर कहा कि वह स्वयं को धन्य मानती हैं कि उन्हें अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के दर्शन के साथ-साथ ऐसा अद्भुत दृश्य भी देखने को मिला। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस तिथि का चयन विशेष रूप से किया था, लेकिन उन्हें यह अनुमान नहीं था कि प्रकृति इस तरह उनका स्वागत करेगी। उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे चारों ओर के बादल भगवान की परिक्रमा कर रहे हों और बीच में स्वर्ण कलश अपनी दिव्यता से पूरे वातावरण को आलोकित कर रहा हो। वहीं महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु दिनेश भाई पाटिल ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि अपने जीवन में उन्होंने पहली बार ऐसा दृश्य देखा है। उन्होंने इसे प्रभु की विशेष कृपा बताया और कहा कि अयोध्या आने का उनका निर्णय आज सार्थक हो गया। उनके अनुसार, इस दिव्य नजारे ने उनके मन को अपार शांति और आनंद से भर दिया। उत्तर प्रदेश के मेरठ से आई रिमझिम ने बताया कि वह लंबे समय से अपने पिता से अयोध्या आने की जिद कर रही थीं। भगवान की कृपा से उन्हें यह अवसर मिला और साथ ही ऐसा अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की सबसे यादगार स्मृतियों में शामिल हो गया है।मंदिर परिसर में उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं ने भी इस दृश्य को अद्वितीय और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण बताया। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन में इस क्षण को कैद करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश का मानना था कि इस दृश्य की वास्तविक अनुभूति केवल प्रत्यक्ष दर्शन से ही संभव है। इस प्रकार, मई माह की पहली बरसात ने जहां प्रकृति को ताजगी प्रदान की, वहीं अयोध्या में आस्था और सौंदर्य का ऐसा दुर्लभ संगम प्रस्तुत किया, जिसने श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति और आनंद की नई लहर उत्पन्न कर दी। यह दिन न केवल मौसम की दृष्टि से, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव के रूप में भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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