Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    दिल्ली- लाल किला ब्लास्ट मामले में 7500 पेज की चार्जशीट:10 आरोपियों पर आतंकी नेटवर्क चलाने का आरोप, 8 आतंकियों में 5 डॉक्टर

    7 hours ago

    1

    0

    देश की राजधानी दिल्ली को दहलाने वाले कार बम धमाके मामले में NIA ने 7500 पन्नों की चार्जशीट पेश कर दी है। दिल्ली की पटियाला हाउस स्थित NIA स्पेशल कोर्ट में दाखिल इस चार्जशीट में 10 आरोपियों को नामजद किया गया है। 10 नवंबर, 2025 की शाम लाल किले के पास हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत, जबकि कई घायल हुए थे। NIA की जांच में पता चला है कि सभी आरोपी आतंकी संगठन सार गजवत-उल-हिंद और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े थे। गिरफ्तार किए गए 8 आतंकियों में 5 पेशे से डॉक्टर हैं। चार्जशीट में मुख्य आरोपी पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी का भी नाम है, जिसकी मौत हो चुकी है। वह हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुका था। धमाके में इस्तेमाल TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था NIA की जांच में सामने आया कि कुछ आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित मेडिकल प्रोफेशनल थे। 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक में उन्होंने “AGuH Interim” नाम से संगठन को फिर सक्रिय किया और “Operation Heavenly Hind” शुरू किया था। आरोपियों ने नए सदस्यों की भर्ती और बड़े पैमाने पर विस्फोटक तैयार किया था। एजेंसी ने बताया कि धमाके में इस्तेमाल TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था। इसके लिए केमिकल और उपकरण ऑनलाइन व ऑफलाइन जुटाए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी AK-47, Krinkov राइफल और अन्य हथियार जुटाने के साथ-साथ ड्रोन और रॉकेट ऑपरेटेड IED पर भी प्रयोग कर रहे थे। IA ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। 10 नवंबर 2025 की शाम दहल उठी थी दिल्ली दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट इलाके में 10 नवंबर 2025 की शाम अचानक एक जोरदार धमाका हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। कई दुकानों और इमारतों को भी नुकसान पहुंचाथा। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरुआती जांच में ही जांच एजेंसियों को शक हो गया था कि यह कोई साधारण ब्लास्ट नहीं, बल्कि हाई-इंटेंसिटी VBIED हमला था। घटना के बाद पूरे दिल्ली-NCR में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। देश की कई सुरक्षा एजेंसियों और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची थी।बाद में इस केस की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई थी। पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर बात करते थे दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए ब्लास्ट से जुड़े व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल के आतंकी डॉक्टरों ने घोस्ट सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। इसके जरिए वे पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ कोऑर्डिनेट करते थे। PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने रविवार को दावा किया कि आतंकी सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए डुअल-फोन प्रोटोकॉल फॉलो कर रहे थे। हर आरोपी के पास दो से तीन मोबाइल थे। शक से बचने के लिए इनके नाम पर रजिस्टर्ड एक क्लीन फोन होता था। दूसरा टेरर फोन था जिसके जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर बात करते थे। डिवाइस में फिजिकल सिम के बिना मैसेजिंग ऐप्स चलाने की सुविधा का फायदा उठाकर ही ये लोग डॉक्टरों को यूट्यूब के जरिए IED बनाना सिखाते और हमले का निर्देश दे रहे थे। JeM ने बनाया महिला आतंकियों का संगठन रिपोर्ट के मुताबिक जैश प्रमुख मसूद अजहर ने अक्टूबर 2025 को महिला आतंकियों की एक अलग विंग बनाई थी। इसका नाम जमात-उल-मुमिनात है। यह विंग आतंकी गतिविधियों को सपोर्ट करने के लिए बनाई गई है। हालांकि ये विंग UN की लिस्ट में यह शामिल नहीं है। रिपोर्ट में सदस्य देशों के अलग-अलग आकलन का भी जिक्र है। कुछ देशों ने माना कि JeM आतंकी संगठन अभी भी टेररिस्ट एक्टिविटी को बढ़ावा दे रहा है। वहीं कुछ देशों ने इसे निष्क्रिय बताया है। NIA को भी जैश से जुड़े होने के लिंक मिले थे दिल्ली ब्लास्ट के बाद NIA ने जांच शुरू की थी। एजेंसी को भी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से जुड़े होने के लिंक मिले थे। इस मामले में अब तक 9 लोग गिरफ्तार हुए हैं। इनमें तीन डॉक्टर भी शामिल हैं। ये नेटवर्क को मदद करते थे। ------------------------ दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़ा ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें... एक पोस्टर से हुआ डॉक्टर्स के आतंकी मॉड्यूल का खुलासा:एक महीने में 7 ठिकानों से आतंकी पकड़े गए, फिर दिल्ली में कैसे हुई चूक पिछले 30 दिनों में भारत की एजेंसियों ने आतंकी मॉड्यूल पर 7 बड़े वार किए। कोई इंजीनियर था, कोई मौलवी, तो कोई डॉक्टर। जम्मू-कश्मीर के एक पोस्टर से शुरू हुई यह कहानी फरीदाबाद के क्लिनिक तक पहुंची। करीब 2900 किलो विस्फोटक भी जब्त किया गया। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    UP में आंधी-तूफान, 104 लोगों की मौत:80kmph की आंधी में उड़ा शख्स, राजस्थान में गर्मी का रेड अलर्ट; MP भी हीटवेव की चपेट में
    Next Article
    NEET पेपर लीक,शिक्षा मंत्री को अहमदाबाद में काले झंडे दिखाए:राजस्थान पुलिस बोली- गेस पेपर 1000 छात्रों तक पहुंचा, अब तक 5 गिरफ्तार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment