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    दंपती से ₹90 लाख ठगने वाले 3 और गिरफ्तार:फर्जी ATS अफसर बनकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया था, लखनऊ साइबर पुलिस ने पकड़ा

    11 hours ago

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    लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर दंपती से 90 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले 3 और गिरफ्तार किए गए हैं। ये तीनों लखनऊ के ही रहने वाले हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस इस मामले में गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि आरोपियों ने खुद को ATS अधिकारी बताकर एक दंपती को आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद जांच और गिरफ्तारी से बचाने का झांसा देकर उनसे करीब 90 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए थे। यह था पूरा मामला- कॉल कर खुद को बताया ATS इंस्पेक्टर पीड़ित की पत्नी वीना बाजपेयी के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस मुख्यालय में तैनात इंस्पेक्टर रंजीत कुमार बताया। उसने महिला पर आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाकर गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता को सिग्नल ऐप डाउनलोड करने को कहा गया। यहां अजय प्रताप श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर संपर्क किया और फर्जी जांच व सुप्रीम कोर्ट के नकली आदेश दिखाकर भरोसा दिलाया कि खातों की जांच के लिए पैसे ट्रांसफर करना जरूरी है। 11 दिन में 90 लाख ट्रांसफर कराए भय और मानसिक दबाव में आकर पीड़ित दंपती ने 29 जनवरी से 9 फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए करीब 90 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने 11 लाख रुपये और मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर उन्होंने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। ऐसे काम करता था गिरोह पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह साइबर ठगी से आए पैसे को अलग-अलग बैंक खातों में मंगाता था। ये लोग जरूरतमंद या अनजान लोगों के नाम से खाते खुलवाकर उनके चेक पर हस्ताक्षर करा लेते थे। फिर उन खातों से चेक के जरिए पैसे निकालकर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाए जाते थे। बाद में इस रकम को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदल दिया जाता था, ताकि पैसे का ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। पूछताछ में क्या बताया आरोपियों ने आरोपी धीरज ने पुलिस को बताया कि उसने राहुल पाल का बैंक खाता स्पर्श कपूर के कहने पर खुलवाया था, जिसके बदले उसे 8 हजार रुपये मिले थे। स्पर्श कपूर ने बताया कि उसने उसी खाते से चेक के जरिए पैसे निकालकर आशीष चंद्रा को दिए थे और इसके बदले उसे 10 हजार रुपए मिले। आशीष चंद्रा ने बताया कि वह अलग-अलग खातों से निकाली गई रकम को क्रिप्टोकरेंसी में कन्वर्ट करने का काम करता था। पुलिस को उसके मोबाइल में USDT ट्रांजैक्शन से जुड़ा डेटा भी मिला है। पुलिस ने साइबर ठगी के आरोपी धीरज (राजाजीपुरम), स्पर्श कपूर (राजाजीपुरम) और आशीष चंद्रा (कृष्णानगर) को गिरफ्तार किया है।
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