Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    दरोगा-परीक्षा पास कर चुके 28 साल के युवक की मौत:हाईटेंशन तार गिरा, बचाने में पिता की भी जान गई; बलिया में विधायक से लिपटकर रोई बहन

    18 hours ago

    1

    0

    बलिया में करंट लगने से बाप-बेटे की मौत हो गई। बेटा दरोगा की परीक्षा पास कर चुका था। मेडिकल होना बचा था। गुरुवार सुबह 6 बजे पिता-पुत्र अपने खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। तभी ऊपर गुजरा 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर गिर गया। बेटा करंट की चपेट में आ गया। बेटे को तड़पता देखकर पिता बचाने दौड़े। पास पहुंचकर जैसे ही उसे बचाने की कोशिश की, वो भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के खेतों में मौजूद लोग भागकर मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद कराई। दोनों को उठाकर खेत से बाहर सड़क पर लाए। तब तक दोनों के शव अकड़ चुके थे। पिता के गले और हाथ में तार चिपका था। पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मामला जिला मुख्यालय से 13 किमी दूर बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शहपुरवा गांव का है। पिता और भाई की मौत की खबर सुनकर घर पर बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह भी गांव पहुंचीं। बहन उनसे लिपटकर रोने लगी। विधायक ने समझाया। वो खुद भी भावुक हो गईं। इस बीच गुस्साए लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। बिजली विभाग पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। पुलिस और विधायक के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। घटना से जुड़ीं 2 तस्वीरें करंट से मौत, राहगीरों ने देखा तो पता चला शहपुरवा गांव में जनार्दन यादव (58) अपने परिवार के साथ रहते थे। परिवार में बेटा राजेश यादव (28) और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी बबिता (30) की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी सीमा (21) घर में रहती है। पत्नी की आठ साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। जनार्दन रोज की तरह सुबह बेटे के साथ खेत में काम करने चले गए। थोड़ी देर बाद दोनों की करंट लगने से मौत हो गई। रास्ते से गुजरने वाले लोगों की नजर पड़ी तो जनार्दन और राजेश बिजली के तार से लिपटे जमीन पर पड़े थे। शोर मचाकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया। परिजन और पुलिस को सूचना दी। बहन बोली- मैं तो अनाथ हो गई सूचना पाकर बांसडीहरोड पुलिस के साथ बांसडीह विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह और तहसीलदार नितिन सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। गुस्साए ग्रामीणों को समझाया। थोड़ी देर बाद विधायक केतकी गांव पहुंचीं। घर पर फूट-फूट कर रो रही बेटी सीमा को गले लगाया। सीमा ने कहा- अब मेरा क्या होगा, न भाई रहा, न पिता। मैं अनाथ हो गई। हे भगवान, ये क्या हो गया। विधायक ने सीमा को समझाया। बलिया-बांसडीह मेन रोड पर डेढ़ घंटे हंगामा इधर, हादसे से आक्रोशित गांव के लोगों ने शहपुरवा में बलिया-बांसडीह मेन रोड पर सुबह साढ़े 9 बजे जाम लगा दिया। सड़क पर बांस डालकर गाड़ियों को रोक दिया। फिर कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। कार्रवाई के आश्वासन बाद करीब 10.30 बजे लोग माने और जाम खोला। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- 'मां-बाप की हत्या का कोई पछतावा नहीं':गाजियाबाद में डबल मर्डर करने वाला बेटा बोला-पत्नी ताने देती थी, इसलिए मारा गाजियाबाद में 20 जुलाई की रात मां-बाप की पीट-पीटकर हत्या करने वाले दोनों बेटे दीपक और ललित जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। क्रासिंग रिपब्लिक पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पूरी खबर पढ़िए…
    Click here to Read more
    Prev Article
    छात्रों की चोट देख नहीं पिघले सपा सांसद:BJP ने 5 क्विंटल मटन खिलाकर बनाए योद्धा, अकेले पड़े चंद्रशेखर
    Next Article
    शराब के नशे में पिता को पीट-पीटकर मार डाला:रायबरेली में बेटे की गिरफ्तारी, बहन की तहरीर पर दर्ज हुआ था केस

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment