Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    दुश्मनी खत्म, दोस्ती शुरू, BRICS ने पलट दी बाजी! भारत पहुंचते ही चीन का बड़ा ऐलान

    3 hours ago

    2

    0

    पिछले कई सालों से भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव, सैन्य गतिरोध और रिश्तों में कड़वाहट देखी गई है। लेकिन इन सबके बावजूद एक बार फिर यह दोनों देश अपने संबंधों को पटरी पर लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात हुई। दोनों देशों ने इस मुलाकात में संवाद बढ़ाने, मतभेद संभालने और सहयोग को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है। इस बैठक के तुरंत बाद दोनों देशों ने यह स्वीकार किया कि भारत और चीन एक दूसरे के कॉम्पिटिटर्स या दुश्मन नहीं बल्कि पार्टनर हैं। चीन की ओर से बकायदा एक रीड आउट भी जारी किया गया। इस रीड आउट में वांग यी ने कहा कि भारत चीन का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है। इसे भी पढ़ें: Middle East में बढ़े तनाव के बीच UAE की भारत पर नजर, BrahMos-AkashTeer पर बड़ी Defense Deal संभवराष्ट्रपति जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में दोनों देशों के रिश्ते अब पहले से बेहतर हो रहे हैं। दोनों नेताओं की राय है कि भारत और चीन एक दूसरे के पार्टनर हैं। कंपिटिट नहीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के रूप में भारत और चीन को लंबी सोच के साथ मिलकर काम करना चाहिए। दोनों देशों को सहयोग बढ़ाकर अपने विकास और पूरे ग्लोबल साउथ की तरक्की में योगदान देना चाहिए। वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, संवाद और अन्य क्षेत्रों में सहयोग धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहा है और सीमा पर भी स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक दूसरे के महत्वपूर्ण हितों का सम्मान करना चाहिए और सीमा विवाद को पूरे रिश्ते पर हावी नहीं होने देना चाहिए। वहीं चीन की ओर से जारी किए गए इस रीड आउट के मुताबिक अजीत डोभाल ने कहा कि हाल की भारत चीन नेताओं की बैठकों ने दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा तय की है। भारत भी मानता है कि भारत और चीन प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि साझेदार हैं। भारत चीन के साथ मिलकर रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है। मतभेदों को समझदारी से संभालना चाहता है और दोनों देशों के लिए फायदे वाले नतीजे हासिल करना चाहता है। एनएसए डोभाल ने यह भी कहा कि भारत चीन की संप्रभुता और मुख्य चिंताओं का सम्मान करता है और ताइवान के मुद्दे पर भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं। इसे भी पढ़ें: International Borders of India | क्या Act East Policy पटरी से उतर रही है? |Teh Tak Part 4दोनों देशों को मिलकर बहुपक्षवाद को मजबूत करना चाहिए और विकासशील देशों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल के अनुसार दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में हो रही प्रगति का संज्ञान लिया। विदेश मंत्रालय ने डोबाल बांग के बीच हुई इस चर्चा को रचनात्मक और दूरदर्शी करार दिया है। आपको बता दें 2020 में गलवान घाटी की घटना के बाद भारत और चीन के रिश्तों में काफी तनाव आ गया था। सीमा पर दोनों देशों की सेनाएं लंबे समय तक आमने-सामने डटी रही। लेकिन पिछले करीब एक साल में दोनों देशों ने रिश्तों को सामान्य बनाने और तनाव कम करने की दिशा में कई कदम उठाए। कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत के बाद दोनों देशों ने अपनी सेनाओं को पीछे हटाया। बाद में डेपसांग और डेमचक जैसे बाकी बचे प्रमुख विवादित क्षेत्रों के लिए सैनिकों को हटाने पर सहमति बनी। जिसे दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण प्रगति माना गया। इसके बाद कजान में पीएम मोदी और जिमपिंग की मुलाकात हुई जिसमें आपसी संबंधों को बेहतर बनाने और संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया।इसे भी पढ़ें: Hormuz Strait खुलते ही India का बड़ा दांव, Russia-UAE से रिकॉर्ड तेल खरीदकर बदली रणनीति दोनों पक्षों ने यह संकेत दिया कि मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाते हुए सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं कुछ समय पहले प्रधानमंत्री मोदी चीन के तियांजिन शहर में आयोजित एसईओ शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने कहा था कि भारत चीन के साथ ऐसे संबंध चाहता है जो आपसी भरोसे सम्मान और एक दूसरे की चिंताओं को समझने की भावना पर आधारित हो। भारत का मानना है कि दोनों देशों के रिश्ते सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने चाहिए और इसके लिए वह प्रतिबद्ध हैं। Stay updated with Latest International News in Hindi https://www.prabhasakshi.com/international on Prabhasakshi 
    Click here to Read more
    Prev Article
    दम है तो करो हमला...खुला चैलेंज, ईरान ने कर दी ट्रंप की बोलती बंद
    Next Article
    Pakistan के अंदर घुसकर ड्रोन हमला शुरू, अफगान ने ISIS अड्डे उड़ाए, हर तरफ हाहाकार!

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment