Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    दिव्यांग बच्चों ने इलाहाबाद संग्रहालय में छूकर जाना इतिहास:प्रयागराज में 'अनुभव वीथिका' का शुभारंभ, राज्यपाल ने किया उद्घाटन

    1 hour ago

    2

    0

    प्रयागराज के इलाहाबाद संग्रहालय में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई 'अनुभव वीथिका' का उद्घाटन किया गया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और संग्रहालय समिति की अध्यक्षा आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन माध्यम से इस अनोखी गैलरी का अनावरण किया। यह पहल प्रयागराज के सांस्कृतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वीथिका का अवलोकन करने के साथ ही बच्चों से संवाद भी किया। उन्होंने इस पहल को 'अभिनव उपलब्धि' बताया और निर्देश दिए कि बच्चों के लिए विरासत स्थलों पर आधारित स्पर्शनीय पुस्तिकाएँ भी उपलब्ध कराई जाएं। राज्यपाल ने मंडलायुक्त और संग्रहालय निदेशक सौम्या अग्रवाल की टीम की इस संवेदी पहल के लिए सराहना की। यह गैलरी नई दिल्ली की संस्था 'सक्षम' के सहयोग से विकसित की गई है। इसका उद्देश्य उन दिव्यांग बच्चों को इतिहास और वन्यजीवों से जोड़ना है जो देख नहीं सकते। वीथिका में 11 प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों और 10 वन्यजीवों की प्रतिकृतियों की जानकारी ब्रेल लिपि और हेडफोन (ऑडियो) के माध्यम से प्रदान की गई है। बच्चे अब राम मंदिर, सांची स्तूप, स्वर्ण मंदिर, ताजमहल और हम्पी के रथ जैसी धरोहरों की बनावट को छूकर समझ सकेंगे। इसके अतिरिक्त, गैलरी में हाथी, मोर और बारहसिंगा जैसे जानवरों के मॉडल भी रखे गए हैं, जिससे बच्चे वन्यजीवों को स्पर्श के माध्यम से अनुभव कर सकें। उद्घाटन के बाद संग्रहालय के सभागार में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल नन्दी ने किया। इस दौरान वाराणसी के 'जीवन ज्योति संस्थान' और प्रयागराज के 'बचपन डे केयर केंद्र' सहित विभिन्न संस्थाओं के दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से उद्घाटन के दिन लगभग 100 बच्चों ने इस वीथिका का भ्रमण किया। यह विशेष भ्रमण कार्यक्रम 6 मई से 20 मई तक आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक बच्चे इस नई तकनीक और ज्ञान का लाभ उठा सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्पर्श-आधारित प्रदर्शनी दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें मुख्यधारा की संस्कृति से जोड़ने में सहायक होगी। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संजू मिश्रा द्वारा किया गया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    आजमगढ़ में 7 मई से शुरू होगा से स्वगणना अभियान:22 मई से 20 जून तक होगा मकान सूचीकरण का कार्य, पहली बार हो रही डिजिटल जनगणना
    Next Article
    छात्रा का किडनैप कर पड़ोसी ने किया रेप, उम्रकैद:2 माह की प्रेगनेंट होने पर परिजनों को हुई जानकारी, ननिहाल में हुई थी मौत

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment