Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    उबलते दूध से 6 महीने के बच्चे को नहलाया, VIDEO:चुनार में यदुवंशियों की पारंपरिक 'कराहा' पूजा, बिना आग के 'ताई' का दूध उबला

    2 hours ago

    1

    0

    चुनार क्षेत्र के बिठ्ठलपुर गांव स्थित बुधीराम डेयरी पर यदुवंशियों की पारंपरिक 'कराहा' पूजा और श्री रामचरितमानस के अखंड पाठ का तीन दिवसीय आयोजन किया गया। मंगलवार को इसका समापन हुआ, जिसमें श्रीश्री1008 जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी हरिपपन्नाचार्य जी महाराज (हरिहरानंद जी महाराज) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यदुवंशियों की पारंपरिक 'कराहा' पूजा कार्यक्रम का शुभारंभ श्री रामचरितमानस के अखंड पाठ से हुआ। इसके बाद अनिल भगत ने यदुवंशियों की पारंपरिक 'कराहा' पूजा संपन्न कराई। पुरोहित पंडित सुनील मिश्रा और भोलू मिश्रा ने सनातन धर्म पद्धति के अनुसार वैदिक मंत्रों के साथ पूजा कराई। इस पूजा के यजमान बुधीराम यादव और सुशील यादव उर्फ बच्ची सरदार थे। उबलते हुए गर्म दूध से बच्चे को नहलाया लगभग तीन घंटे चली इस पूजा में कुल देवी सहित सभी देवी-देवताओं की आराधना की गई। पूजा विधि के तहत, पांच मिट्टी के बर्तनों, जिन्हें 'ताई' कहा जाता है, में दूध भरकर गाय के गोबर से बने उपलों पर गर्म किया गया। दूध उबलने पर उसे सभी देवी-देवताओं को समर्पित किया गया। इस दौरान कई आश्चर्यजनक घटनाएँ देखी गईं। उबलते हुए गर्म दूध से एक छह महीने के बच्चे को नहलाया गया, जिसे कोई क्षति नहीं हुई। इसके अलावा, बर्फ के ऊपर 'ताई' रखने पर भी दूध बहता रहा। बिना आग के भी कई बर्तनों में रखी 'ताई' का दूध उबलता देखा गया। कन्हैया महाराज ने भी कई बार उबलते दूध से स्नान किया, और उन्हें भी कोई नुकसान नहीं हुआ। इन दृश्यों को देखकर उपस्थित श्रद्धालु आश्चर्यचकित रह गए। कुल देवी-देवताओं की पूजा होती है मुख्य अतिथि स्वामी हरिपपन्नाचार्य जी महाराज ने इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह शुभ कार्य सनातन धर्म पद्धति और यदुवंशियों की पारंपरिक 'कराहा' पूजा के साथ संपन्न हुआ है। उन्होंने सभी हिंदुओं से अपनी पारंपरिक पूजा-पद्धतियों को न छोड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि जहां कुल देवी-देवताओं की पूजा होती रहती है, वहां हमेशा बरकत बनी रहती है। विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ पूजा और प्रवचन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इसके उपरांत एक विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन ग्रहण किया। बुधीराम डेयरी के मालिक बुधीराम यादव और सुशील यादव ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर -सुशील यादव , सुनील यादव, रंजीत यादव ,--मन्जे यादव ,बिजया सिंह, सुनील मिश्रा, बिनय पाठक, तूफानी शुक्ला, सुरेन्द्र त्रिपाठी,प्रदीप पाण्डेय,बबलू यादव , बेचू यादव ,तेज बहादुर ,केशव यादव ,कृष्णा यादव, कन्हैया यादव ,वाराणसी से कथा वाचक दीनकर महाराज तथा प़याग राज से हरिहरानंद जी महाराज, बिचित्रानन्द आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित थे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    खुमैनी के पूर्वजों की सातवीं पीढ़ी महोबा में रहती है:ईरान-इजरायल युद्ध के बीच खामेनेई की खबर से परिवार गम में
    Next Article
    लखनऊ एयरपोर्ट पर खाड़ी उड़ानों की आंशिक बहाली:दुबई एयरस्पेस बंद, आठ फ्लाइट्स से मिली राहत

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment