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    उमंग फार्मेसी ने BHU चिकित्सा अधीक्षक पर लगाए गंभीर आरोप:वकील बोले - कोर्ट के स्टे के बावजूद दूसरे को दे दिया कब्जा, आदेश की अवहेलना

    3 hours ago

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    काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में दुकानों के आवंटन को लेकर कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला सामने आया है। इस संबंध में मेसर्स उमंग क्योर प्राइवेट लिमिटेड ने विश्वविद्यालय के वीसी और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। यह आरोप बीएचयू के चिकित्साधीक्षक कैलाश कुमार गुप्ता पर लगा है। इस संबंध में अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि मामला पूरा बीएचयू में क्लस्टर-बी की दुकानों के टेंडर को लेकर कोर्ट के स्टे आदेश के बावजूद चिकित्सा अधीक्षक ने दुकानें आवंटित कर दी हैं। जो की कोर्ट की अवमानना है। कोर्ट ने दिया है स्टे ऑर्डर इस संबंध में एडवोकेट अनुपम द्विवेदी ने बताया - बीएचयू में क्लस्टर-बी करके कुछ दुकानों का अवैधानिक टेंडर किया जा रहा था। मेसर्स उमंग क्योर प्राइवेट लिमिटेड बनाम काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एक याचिका वाराणसी कमर्शियल कोर्ट में दाखिल हुई थी। इसपर सुनवाई के बाद 26 फरवरी को स्टे लगा दिया गया था कोर्ट द्वारा, जो 13 मार्च 2026 तक प्रभावी है। उसी दिन इस आदेश की सर्टिफाइड कॉपी मेसर्स उमंग क्योर प्राइवेट लिमिटेड को उपलब्ध हो गई। जिसकी कॉपी 27 फरवरी को वीसी बीएचयू सहित सभी संबंधितों यहां तक की बीएचयू के चिकित्सा अधीक्षक कैलाश कुमार गुप्ता को भी भेज दी गयी थी। स्टे ऑर्डर की किया अवमानना एडवोकेट ने बताया - स्टे ऑर्डर के बावजूद मनमाने तरीके से चिकित्सा अधीक्षक कैलाश कुमार गुप्ता के ऑफिस से 3 तारीख को दिन में 2 बजे के बाद मेसर्स उमंग के मेल आईडी पर एक मेल किया और लिखा - आप के इस स्टे की हमें कोई सूचना नहीं है। हमने 27 तारीख को ही इस क्लस्टर-बी का टेंडर फाइनल करके पार्टी को पजेशन दे दिया है। अनुपम द्विवेदी ने कहा यह एक तरह का अपराध किया। जिसमें यह की जब 27 तारीख को सबको स्टे का ऑर्डर डायरी करवा दिया गया तो उन्होंने थर्ड पार्टी को पजेशन कैसे दिया। इसके अलावा टेंडर का कागज साइन करने का अधिकार सिर्फ रजिस्ट्रार को है तो उन्होंने कैसे टेंडर साइन किया। षणयंत्र रच किया आपराधिक कृत्य एडवोकेट ने बताया - हमें भेजे गए मेल में कहा गया है कि टेंडर किया गया तो यदि टेंडर का डॉक्यूमेंट साइन हुआ है। और उन्होंने मेल किया है तो उस टेंडर की कॉपी क्यों नहीं भेजी। 27 को यदि आप को लेटर मिल गया है तो आपने हमें 27 को क्यों नहीं बताया क्योंकि आप लिख रहे हैं कि 27 को ही आप टेंडर कर चुके हैं। आपने 3 तारीख को हमें बताया यह आपराधिक कृत्य है क्योंकि 3 तारीख से सभी सरकारी ऑफिस बंद हो रहे हैं और हम कुछ नहीं कर रहे हैं। ऐसे में हम इसपर कोर्ट में एक एप्लिकेशन देंगे और अग्रिम कार्रवाई करेंगे।
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