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    UPSC 2025 में मुरादाबाद मंडल के 8 अभ्यर्थी सफल:देवांश को 77वीं, सृजित को 84वीं रैंक; नौकरी के साथ की तैयारी

    4 hours ago

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    संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित हो गए हैं। इस बार मुरादाबाद मंडल के आठ अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इनमें मुरादाबाद के छह युवा, अमरोहा की एक बेटी और चंदौसी का एक युवक शामिल हैं। सफल अभ्यर्थियों ने युवाओं को संदेश दिया कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य तय कर पूरी लगन और एकाग्रता के साथ तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने की बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि असफलता ही सफलता का रास्ता दिखाती है। देवांश को पांचवें प्रयास में मिली सफलता दीनदयाल नगर निवासी देवांश गुप्ता ने सिविल सेवा परीक्षा में 77वीं रैंक हासिल की है। यह उनका पांचवां प्रयास था। इससे पहले वह दूसरी बार मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार तक पहुंचे थे। उन्होंने वर्ष 2021 में पुणे से बीए एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई के दौरान यरवदा सेंट्रल जेल में कैदियों के साथ काम करने के अनुभव ने उन्हें समाज के लिए बड़े स्तर पर काम करने की प्रेरणा दी। देवांश रोजाना करीब पांच से छह घंटे पढ़ाई करते थे और नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ते थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां प्रोफेसर किरण साहू को दिया। पहले ही प्रयास में पीयूष को मिली सफलता प्रेमनगर लाइन निवासी पीयूष मौर्य ने पहले ही प्रयास में 889वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र विषय में स्नातक किया है और दूसरे वर्ष से ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने वैकल्पिक विषय के रूप में भी दर्शनशास्त्र को चुना। पीयूष शुरुआत में प्रतिदिन आठ से नौ घंटे पढ़ाई करते थे, जिसे परीक्षा के समय बढ़ाकर 10 से 12 घंटे कर देते थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सोमपाल सिंह और मां उर्मिला सिंह को दिया। मेहनत और धैर्य से गरिमा को मिली सफलता मानसरोवर कॉलोनी निवासी गरिमा सिंह ने चौथे प्रयास में 240वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनकी लिखने की गति धीमी थी, जिससे उत्तर लिखते समय कई महत्वपूर्ण बिंदु छूट जाते थे। बाद में उन्होंने अपनी लिखने की स्पीड सुधारने पर विशेष ध्यान दिया। गरिमा प्रतिदिन सात से आठ घंटे पढ़ाई करती थीं और नियमित रूप से अखबार पढ़कर देश-दुनिया की जानकारी जुटाती थीं। नौकरी के साथ अंकित ने जारी रखी तैयारी बुद्धि विहार निवासी अंकित कुमार सिंह को यूपीएससी परीक्षा में 842वीं रैंक प्राप्त हुई है। उनके पिता जयगोपाल सिंह पीडब्ल्यूडी विभाग में एसडीओ के पद से सेवानिवृत्त हैं। अंकित वर्तमान में जेवर में खंड विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने नौकरी के साथ रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई कर यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। उनकी पत्नी जोया सिंह दिल्ली में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर हैं और वह भी यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। दूसरे प्रयास में सृजित ने हासिल की 84वीं रैंक मूल रूप से शाहजहांपुर के निवासी और वर्तमान में केंद्रीय पुलिस अस्पताल परिसर में रहने वाले सृजित कुमार ने दूसरे प्रयास में 84वीं रैंक हासिल की है। पिछले वर्ष उन्हें 277वीं रैंक मिली थी और आईआरएस सेवा मिली थी। सृजित ने बताया कि उन्होंने उत्तर लेखन और विषयों के बार-बार अभ्यास पर विशेष ध्यान दिया। वह प्रतिदिन करीब आठ घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सुभाषचंद्र गंगवार को दिया, जो मुरादाबाद में एसपी यातायात के पद पर तैनात हैं। दूसरे प्रयास में ऋषभ शर्मा को मिली सफलता ऋषभ शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 116वीं रैंक हासिल की है। यह उनका दूसरा प्रयास था और पहला साक्षात्कार था। ऋषभ ने बताया-पिछले प्रयास में वह केवल प्रीलिम्स ही पास कर पाए थे, लेकिन इस बार ईश्वर की कृपा और कड़ी मेहनत से तीनों चरणों में सफलता मिली। ऋषभ ने एनआईटी इलाहाबाद से बीटेक करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी। उन्होंने बताया कि अखबार की बड़ी खबरों से करेंट अफेयर्स के नोट्स बनाने में उन्हें काफी मदद मिली। मूल रूप से बरेली के रहने वाले ऋषभ के पिता संजीव शर्मा एलआईसी में चीफ मैनेजर हैं, जबकि उनकी माता आभा शर्मा एलआईयू में सीओ पद पर तैनात हैं।
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