Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    US-Saudi Nuclear Deal | 2026 की सबसे बड़ी जियोपॉलिटिकल डील! गोपनीय ‘123 न्यूक्लियर पैक्ट’ कांग्रेस पहुंचा, मध्य पूर्व का नक्शा बदलने की तैयारी

    18 hours ago

    1

    0

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के असैन्य परमाणु कार्यक्रम को मजबूती देने के उद्देश्य से तैयार किए गए द्विपक्षीय समझौते को अंतिम समीक्षा के लिए अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को भेज दिया है। हालाँकि, इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने एक बेहद कूटनीतिक और सख्त शर्त रखी है—सऊदी अरब को इज़राइल के साथ अपने राजनयिक संबंधों को सामान्य करना होगा और ‘अब्राहम समझौते’ (Abraham Accords) का हिस्सा बनना होगा। यह गोपनीय दस्तावेज अमेरिकी परमाणु ऊर्जा अधिनियम के तहत सोमवार को समीक्षा के लिए सौंपा गया। समझौते पर वाशिंगटन में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और उनके सऊदी समकक्षी ने हस्ताक्षर किए थे।इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने Saudi Arabia असैन्य परमाणु समझौते को कांग्रेस की समीक्षा के लिए भेजा ट्रंप प्रशासन का बड़ा दांव  ट्रंप प्रशासन के अधिकारी, कांग्रेस के एक सहयोगी और मामले से परिचित दो अन्य लोगों के अनुसार, परमाणु ऊर्जा अधिनियम के तहत जरूरी प्रक्रिया के तहत यह गोपनीय दस्तावेज सोमवार को कांग्रेस को सौंपा गया। इस समझौते पर पिछले महीने वाशिंगटन में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और उनके सऊदी समकक्ष ने हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, इसके अगले ही दिन ट्रंप ने घोषणा की कि समझौते के तहत सऊदी अरब को ‘अब्राहम समझौते’ के जरिए इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने होंगे। उनकी इस घोषणा के बाद समझौते के लागू होने को लेकर संदेह पैदा हो गया था। प्रशासन के अधिकारी और मामले से परिचित अन्य लोगों ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या सऊदी अरब के अब्राहम समझौते में शामिल होने की ट्रंप की मांग को कांग्रेस को भेजे गए गोपनीय दस्तावेज में भी शामिल किया गया है।इसे भी पढ़ें: Love Horoscope For 26 August 2026 | आज का प्रेम राशिफल 26 अगस्त 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन  कानून के तहत कांग्रेस को सत्र के दौरान 90 दिनों तक इस समझौते की समीक्षा करनी होगी। यदि इस अवधि के दौरान कांग्रेस समझौते को खारिज करने वाला संयुक्त प्रस्ताव पारित नहीं करती है तो दोनों सदनों में मतदान के बिना ही समझौता प्रभावी हो सकता है। इस तरह के समझौतों की पूरी सामग्री का इतने उच्च स्तर पर गोपनीय रखा जाना असामान्य है। अन्य देशों के साथ किए गए पिछले असैन्य परमाणु समझौते, जिन्हें ‘123 समझौते’ के नाम से जाना जाता है, सार्वजनिक किए गए थे। हालांकि, इनमें से कुछ में ऐसे गोपनीय परिशिष्ट शामिल थे जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया था। वाशिंगटन स्थित सऊदी दूतावास ने इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, सऊदी अरब के अब्राहम समझौते में शामिल होने पर ट्रंप के लगातार जोर देने से समझौते को अंतिम मंजूरी मिलने की प्रक्रिया जटिल हो सकती है। 2020 में हुए इन समझौतों के तहत इजराइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले अरब और मुस्लिम बहुल देशों की संख्या बढ़ी थी।Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Texas Wildfire का कहर: 200 वर्ग किमी इलाका जला, कई ढांचे खाक और स्कूल बंद
    Next Article
    ₹1,999 में CMF Buds Neo की सेल शुरू: 52 Hours Battery और ANC फीचर्स के साथ मार्केट में दी दस्तक

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment