Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वैज्ञानिकों के बीच पहुंचे सरकारी स्कूल के बच्चे:मिट्टियों का रहस्य जाना और सीखी आधुनिक खेती; 100 मेधावियों ने किया CSA का भ्रमण

    2 hours ago

    1

    0

    किताबी दुनिया से बाहर निकलकर जब ग्रामीण परिवेश के बच्चे देश के प्रतिष्ठित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) पहुंचे, तो उनकी आंखों में भविष्य के वैज्ञानिक बनने की चमक साफ दिखाई दी। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत विकास खंड पतारा के परिषदीय विद्यालयों के 100 मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित यह 'एक्सपोज़र विजिट' महज एक टूर नहीं, बल्कि आधुनिक विज्ञान और कृषि की बारीकियों को समझने का एक बड़ा मंच साबित हुआ। लैब में देखा मिट्टी का परीक्षण, डिजिटल लाइब्रेरी देख रह गए दंग अक्सर खेतों में मिट्टी से खेलने वाले इन बच्चों ने पहली बार वैज्ञानिक नजरिए से मिट्टी की अहमियत को समझा। विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबर डॉ. अमृतांशु और डॉ. विनोद ने बच्चों को प्रयोगशालाओं (लैब) में ले जाकर दिखाया कि कैसे मिट्टी का भौतिक और रासायनिक परीक्षण किया जाता है। बच्चों को बताया गया कि किस तरह की मिट्टी में कौन सी फसल ज्यादा बेहतर हो सकती है। इसके बाद छात्र विश्वविद्यालय की डिजिटल लाइब्रेरी पहुंचे। हजारों किताबों और डिजिटल डेटा के बीच बच्चों ने जाना कि तकनीक के इस्तेमाल से पढ़ाई कितनी आसान और प्रभावी हो सकती है। कबाड़ से जुगाड़, वेस्ट मटेरियल से सीखे रोजगार के गुर इस भ्रमण का एक दिलचस्प पहलू 'वेस्ट मैनेजमेंट' रहा। छात्रों को सिखाया गया कि कैसे घरों या स्कूलों से निकलने वाले बेकार सामान (वेस्ट मटेरियल) का उपयोग कर सुंदर और काम आने वाली वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। वैज्ञानिकों ने बच्चों को समझाया कि यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि भविष्य में स्वरोजगार या व्यावसायिक कौशल विकसित करने का एक शानदार जरिया भी बन सकता है। खेतों में देखी आधुनिक मशीनें और उन्नत बीज कृषि प्रधान पृष्ठभूमि से आने वाले इन बच्चों ने विश्वविद्यालय के फार्म हाउस और कृषि विज्ञान केंद्रों का भी दौरा किया। यहां उन्होंने खेती में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक यंत्रों, ट्रैक्टरों और कम पानी में अधिक पैदावार देने वाले उन्नत बीजों के बारे में जानकारी ली। वैज्ञानिकों ने बच्चों के छोटे-छोटे सवालों के बड़े ही सरल अंदाज में जवाब दिए, जिससे उनकी कृषि विज्ञान के प्रति रुचि और बढ़ गई। कैप, टी-शर्ट और स्टेशनरी पाकर खिले चेहरे दिन भर के इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। खंड शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में सभी 100 प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को विशेष किट प्रदान की गई। इसमें कैप, टी-शर्ट और स्टेशनरी बैग शामिल थे। यूनिफॉर्म में सजे इन नन्हे वैज्ञानिकों के चेहरे अपनी उपलब्धियों और नए ज्ञान को पाकर खिले हुए थे। इस मौके पर नोडल एआरपी संजीव पाण्डेय सहित अभिषेक सैनी, रेनू मिश्रा, रिचा जायसवाल और पवन पटेल जैसे शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों का कहना था कि इस तरह के दौरों से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें करियर के नए विकल्पों के बारे में जानकारी मिलती है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अधिवक्ता पर हमले के विरोध में वकीलों ने ज्ञापन सौंपा:अम्बेडकरनगर में आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की मांग, पुलिस पर भड़के वकील
    Next Article
    राष्ट्रीय हनुमान दल ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा:पीलीभीत में चाय की दुकानों के नाम बदलने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की मांग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment