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    वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ फतवा जारी:उत्तर प्रदेश के शाही मुफ्ती बोले– कब्जा करने वाले अल्लाह से जंग को रहें तैयार

    4 hours ago

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    ​अलीगढ़ के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को लेकर फतवा (शरई राय) जारी किया है। मुफ्ती ने कहा है कि जिन लोगों ने वक्फ की संपत्तियों को निजी जागीर बना लिया है या उनमें हेरफेर (खयानत) की है वे 'गुनाह-ए-कबीरा' (महापाप) के भागीदार हैं।​ मुफ्ती ने सरकार से भी मांग की है कि वह ऐसी संपत्तियों की जांच कर उन्हें जनहित में वापस ले। सख्त सजा के हकदार मौलाना ने कहा कि वक्फ संपत्ति में खयानत करने वाले आखिरत (परलोक) में सख्त सजा पाएंगे और जहन्नुम के हकदार होंगे। वक्फ की जमीन बेचकर या निजी लाभ लेकर की गई कमाई पूरी तरह हराम है। ऐसे लोगों को तुरंत तौबा कर संपत्ति वापस करनी चाहिए। धोखे से किया गया वक्फ अवैध अगर वक्फ धोखे से किया गया है या उसका मालिकाना हक स्पष्ट नहीं है, तो शरीयत में उसे फासिद (अवैध) माना जाएगा। शरीयत के 'फिक्ही उसूल' के तहत 'हाकिम-ए-वक्त' (सरकार) को यह अधिकार है कि वह दुरुपयोग हो रही संपत्तियों की जांच करे और उन्हें वापस लेकर जनहित में लगाए। ​जरूरतमंदों तक पहुंचे लाभ मुफ्ती ने कहा कि वक्फ का लाभ बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के समाज के सबसे गरीब, यतीम और जरूरतमंद तबके तक पहुंचना चाहिए। कुरआन की सूरह अन-निसा और सूरह अल-बकरा का हवाला देते हुए कहा कि अमानत को उसके हकदारों तक पहुंचाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि लाखों बीघा वक्फ जायदाद पर कुछ लोग कुंडली मारकर बैठे हैं और निजी लाभ कमा रहे हैं। यह गरीबों और यतीमों का हक मारना है। जो लोग वक्फ संपत्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं, वे अल्लाह और उसके रसूल के खिलाफ जंग के लिए तैयार हो जाएं। सार्वजनिक हित में हो इस्तेमाल ​मुफ्ती ने राज्य और केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वक्फ संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाए जाएं। ​जो वक्फ फासिद (दोषपूर्ण) साबित हों, उन्हें निरस्त किया जाए। ​इन संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण में लेकर चैरिटी, वेलफेयर और सामाजिक न्याय के लिए इस्तेमाल किया जाए। जानिए मौलाना इब्राहिम हुसैन के बारे में ​मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन अलीगढ़ से ताल्लुक रखते हैं। वे बीए-एलएलबी, एमए और पेशे से अधिवक्ता भी हैं। उन्हें सितंबर 2005 में मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर के वंशज प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी द्वारा शाही मुफ्ती नियुक्त किया गया था। वर्तमान में वे भारतीय समाज सेवक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।
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