Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वर्ल्ड अपडेट्स:26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की कनाडाई नागरिकता रद्द करने की तैयारी, गलत जानकारी देने का आरोप

    6 hours ago

    1

    0

    मुंबई 26/11 आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की कनाडाई नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कनाडा सरकार ने आरोप लगाया है कि राणा ने नागरिकता आवेदन के समय निवास संबंधी गलत जानकारी दी थी। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी को भारत दौरे पर आने वाले हैं। ऐसे में ओटावा की यह कार्रवाई दोनों देशों के संबंधों को रीसेट करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। इससे पहले जस्टिन ट्रूडो सरकार के दौरान भारत-कनाडा संबंधों में तनाव रहा था। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के मुताबिक राणा की नागरिकता आतंकवाद के आरोपों के कारण नहीं, बल्कि गलत जानकारी देने के आधार पर रद्द की जा रही है। राणा ने 2000 में नागरिकता के लिए आवेदन किया था। दावा किया था कि आवेदन से पहले चार साल तक ओटावा और टोरंटो में रहे। इस दौरान केवल छह दिन देश से बाहर रहने की बात कही थी। हालांकि, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की जांच में सामने आया कि वह अधिकांश समय शिकागो में था, जहां उसके कई प्रॉपर्टी और व्यवसाय थे। IRCC ने इसे गंभीर और जानबूझकर किया गया धोखा बताया है। विभाग का कहना है कि गलत जानकारी के कारण अधिकारियों ने यह मान लिया कि वह नागरिकता की पात्रता शर्तें पूरी करता है। मामला अब फेडरल कोर्ट ऑफ कनाडा में है, जो अंतिम फैसला करेगा। राणा के वकीलों ने इस कार्रवाई को चुनौती दी है और इसे अनुचित बताया है। इधर, राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद 10 अप्रैल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA )ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल भारत में 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े मामले में ट्रायल का सामना कर रहा है। 2008 के इस आतंकी हमले में 160 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… अमेरिकी सेना ने ड्रग-तस्करों की नावों पर हवाई हमला किया, 3 लोगों का मौत, 5 महीने में 150 जाने गईं अमेरिकी सेना ने सोमवार को कैरेबियन सागर में ड्रग-तस्करों की नावों पर हवाई हमला किया। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई। ट्रम्प प्रशासन के अभियान के तहत सितंबर से अब तक 151 लोग मारे गए हैं। अमेरिकी सरकार के मुताबिक यह लोग ड्रग तस्करी में शामिल थे। यूएस कमांड के मुताबिक यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें आउटबोर्ड इंजन लगी छोटी नाव को नष्ट होते दिखाया गया है। सेना ने दावा किया कि नाव नार्को-ट्रैफिकिंग रूट पर चल रही थी और ड्रग-तस्करी में शामिल थी। इन हमलों को लेकर विवाद तब और बढ़ गया, जब खुलासा हुआ कि पहली नाव पर हमले के बाद बचे लोगों को फॉलो-अप स्ट्राइक में मार दिया गया था। ट्रम्प बोले- अमेरिकी आर्मी चीफ के बारे में फेक न्यूज फैलाया जा रहा, वे ईरान में सैन्य कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें कहा गया है कि अमेरिका के जनरल ईरान में सैन्य कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसी खबरे 100 फीसदी गलत हैं। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘मीडिया में कई खबरें चल रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि जनरल डैनियल केन ईरान के खिलाफ युद्ध के फैसले के विरोध में हैं। इन खबरों में इस जानकारी का कोई स्रोत नहीं बताया गया है और पूरी तरह गलत है।' उन्होंने लिखा, ‘’जनरल केन हम सबकी तरह युद्ध नहीं देखना चाहते, लेकिन अगर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया जाता है, तो उनकी राय है कि यह काफी आसान होगा। वह ईरान को अच्छी तरह जानते हैं, क्योंकि उन्होंने मिडनाइट हैमर ऑपरेशन को लीड किया था, जिसमें ईरान के परमाणु एनरिचमेंट प्रोग्राम पर हमला हुआ था। ट्रम्प ने लिखा, ‘ईरान के साथ युद्ध के बारे में जो कुछ भी लिखा गया है, वह गलत और जानबूझकर फैलाया गया भ्रम है। फैसला मैं करता हूं। मैं समझौता करना ज्यादा पसंद करूंगा, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ, तो उस देश के लिए और दुर्भाग्य से उसके लोगों के लिए बहुत बुरा दिन होगा। वे लोग कमाल के हैं उनके साथ ऐसा कभी नहीं होना चाहिए।’ ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही है। लेकिन अभी तक इसमें कोई कामयाबी नहीं मिली है। ईरान अमेरिका की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है। वहीं ट्रम्प बार-बार हमले की धमकी दे चुके हैं। आज से ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद: अमेरिका को ₹16 लाख करोड़ लौटाने पड़ सकते हैं; कोर्ट ने 3 दिन पहले रोक लगाई अमेरिकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिन पहले इन टैरिफ को गैरकानूनी बताया गया था। अमेरिकी US कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CPB) ने एक बयान में कहा- 1977 के कानून इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली मंगलवार रात 12 बजकर 1 मिनट (भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे) से बंद कर दी जाएगी। एजेंसी ने इम्पोर्ट्स को निर्देश दिया है कि इन टैरिफ से जुड़े सभी कोड उसके कार्गो सिस्टम से हटा दिए जाएंगे। पेन व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक कोर्ट से इस फैसले से अमेरिकी सरकार को 175 अरब डॉलर (15.75 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई वापस करनी पड़ सकती है। पूरी खबर पढ़ें… मेक्सिको- ड्रग माफिया की मौत से 20 राज्यों में हिंसा :25 सैनिकों समेत 32 मौतें, 20 बैंक फूंके; गर्लफ्रेंड से लोकेशन का पता चला मेक्सिको में ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो की मौत के बाद सोमवार को भी हिंसक प्रदर्शन हुए। BBC के मुताबिक मेंचो के समर्थकों ने 20 राज्यों में हिंसा फैला दी। कई जगह रोडब्लॉक लगाए, गाड़ियों और 20 से ज्यादा सरकारी बैंक शाखाओं में आग लगा दी गई। जालिस्को में लॉकडाउन के हालात हैं। ये शहर फीफा 2026 के मेजबान शहरों में शामिल है। अलग-अलग शहरों में कम से कम 32 मौतें हुईं हैं, जिसमें 25 सैनिक शामिल है। ऑपरेशन के दौरान सेना ने बख्तरबंद गाड़ियां और रॉकेट लॉन्चर सहित बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए। दरअसल, मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया। सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा अन्य 8 अपराधी भी मारे गए। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ विवि में मस्जिद के बाहर नमाज, हिंदू संगठनों का जोरदार प्रदर्शन
    Next Article
    शंकराचार्य को गिरफ्तारी का डर, हाईकोर्ट में याचिका दायर की:बोले- प्रयागराज में IPS अजय पाल साजिश रच रहे, सारा सिस्टम मेरे खिलाफ

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment