Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वर्ल्ड अपडेट्स:भारतीय छात्र ने AI से बनाई नकली मॉडल, 'ट्रम्प समर्थकों' को फंसाकर कमाए हजारों डॉलर

    3 hours ago

    1

    0

    भारत के एक मेडिकल छात्र ने दावा किया है कि उसने एआई की मदद से नकली मॉडल बनाकर हजारों डॉलर कमा लिए। द डेली बीस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक छात्र ने एमिली हार्ट नाम से एक AI जनरेटेड इन्फ्लुएंसर बनाई, जिसे न्यूयॉर्क की 20 साल की नर्स के रूप में पेश किया गया। इस प्रोफाइल को खासतौर पर कंजरवेटिव विचारधारा वाले यूजर्स को आकर्षित करने के लिए डिजाइन किया गया था। वह रोज AI टूल्स की मदद से तस्वीरें और कंटेंट तैयार कर ऐसे पोस्ट करता था जो कंजरवेटिव विचारों से जुड़े होते थे, जैसे धर्म, गन सपोर्ट, एंटी-इमिग्रेशन और एंटी-वोक मैसेज। इससे उसका अकाउंट कुछ ही समय में वायरल हो गया और हर पोस्ट पर लाखों व्यूज आने लगे। उसने एक महीने में करीब 10 हजार फॉलोअर्स बना लिए और उसके वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचने लगे। कमाई के लिए इस AI प्रोफाइल का इस्तेमाल सब्सक्रिप्शन प्लेटफॉर्म पर किया गया, जहां यूजर्स को एक्सक्लूसिव कंटेंट के लिए पैसे देने होते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे हर महीने हजारों डॉलर की कमाई हुई। मामले में विवाद तब बढ़ा जब छात्र के हवाले से टारगेट ऑडियंस को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आई। इसके बाद इंस्टाग्राम ने उसके अकाउंट को बंद कर दिया। छात्र का कहना है कि यह तरीका बहुत आसान था और कंटेंट जल्दी वायरल हो जाता था, खासकर जब वह भड़काऊ (रेज-बेट) पोस्ट करता था। फिलहाल वह अपनी पढ़ाई पर वापस ध्यान दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जनरेटिव AI के बढ़ते इस्तेमाल से ऐसे फर्जी डिजिटल प्रोफाइल ज्यादा विश्वसनीय दिखने लगे हैं, जिससे लोगों को भ्रमित करना आसान हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… नेपाल में PM बालेन शाह के खिलाफ प्रदर्शन तेज, टैक्स बढ़ाने और छात्र संघ पर बैन से नाराजगी नेपाल में नई सरकार बनने के कुछ ही हफ्तों के भीतर उसके खिलाफ विरोध तेज हो गया है। काठमांडू समेत कई शहरों में छात्र, राजनीतिक दल और आम लोग सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार के कुछ फैसलों और विवादों ने मिलकर इस असंतोष को बढ़ा दिया है। सबसे बड़ा मुद्दा भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी का है। सरकार ने 100 रुपये से ज्यादा कीमत वाले सामान पर अनिवार्य शुल्क लगा दिया है। सीमावर्ती इलाकों के लोगों का कहना है कि इससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित होंगी, क्योंकि वे लंबे समय से सीमा पार खरीदारी पर निर्भर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह फैसला आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है। दूसरा बड़ा विवाद छात्र संगठनों को लेकर है। सरकार के सख्त रुख से छात्रों में नाराजगी बढ़ गई है। छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार बातचीत करने के बजाय दबाव और रोक लगाने की नीति अपना रही है। देशभर में हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगह छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में सड़कों पर उतरे, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि आंदोलन तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा गृह मंत्री सुदन गुरंग पर लगे आरोपों ने भी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन पर आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के आरोप हैं। विपक्ष और प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ईरान ने PAK की मध्यस्थता पर उठाए सवाल, मुनीर को बताया US समर्थक
    Next Article
    यूपी में पारा@44.4°C, सड़कों पर पानी डाला जा रहा:30 जिलों में लू चलेगी, भालू को 8 किलो की फ्रूट आइसक्रीम खिलाई

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment