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    वर्ल्ड अपडेट्स:ऑनली फैंस के मालिक लियोनिड रैडविंस्की की कैंसर से मौत

    10 hours ago

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    ओनलीफैंस के मालिक लियोनिड रैडविंस्की का 43 साल की उम्र में कैंसर के कारण निधन हो गया। कंपनी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी और बताया कि वह काफी समय से इस बीमारी से जूझ रहे थे। रैडविंस्की ने 2018 में कंपनी में बड़ा हिस्सा खरीदा था और इसके बाद ओनलीफैंस को तेजी से आगे बढ़ाया। उनके नेतृत्व में यह प्लेटफॉर्म ऐसा डिजिटल मंच बना, जहां लोग अपने कंटेंट के जरिए सीधे कमाई कर सकते हैं। हालांकि शुरुआत में यह प्लेटफॉर्म अपने एडल्ट कंटेंट को लेकर चर्चा में रहा, लेकिन समय के साथ इसमें फिटनेस ट्रेनर, संगीतकार, शेफ और कई अन्य पेशेवर भी जुड़ते गए। कोरोना महामारी के दौरान ओनलीफैंस की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया, जब बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन कमाई के नए विकल्प के तौर पर इसका इस्तेमाल किया। रैडविंस्की को डिजिटल क्रिएटर इकॉनमी को बढ़ावा देने वाले प्रमुख नामों में गिना जाता था। उनके नेतृत्व में प्लेटफॉर्म ने लाखों क्रिएटर्स को कमाई का मौका दिया और सब्सक्रिप्शन आधारित मॉडल को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि कंपनी की अगली रणनीति क्या होगी और इसका नेतृत्व कौन संभालेगा। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में फंडिंग से पीछे हटा इंडोनेशिया, 1 अरब डॉलर नहीं देगा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने साफ कहा है कि उनका देश ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थायी सदस्यता के लिए 1 अरब डॉलर नहीं देगा। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो में बताया कि इंडोनेशिया ने सिर्फ शांति सैनिक भेजने की बात कही है, किसी तरह की आर्थिक मदद का वादा नहीं किया। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पहल माना जा रहा है, जिसका मकसद गाजा में युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका, कतर और मिस्र के साथ मिलकर काम करना है। प्रबोवो हाल ही में इस बोर्ड की एक बैठक में शामिल हुए थे, जिसके बाद इंडोनेशिया के कुछ मुस्लिम संगठनों ने उनके रुख की आलोचना की। उन्होंने गाजा के लिए करीब 8,000 शांति सैनिक भेजने का प्रस्ताव रखा था, जिस पर भी सवाल उठे। प्रबोवो ने यह भी कहा कि अगर यह पहल फिलिस्तीन के लोगों के हित में नहीं रही या इंडोनेशिया के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ गई, तो उनका देश इससे अलग होने का फैसला भी ले सकता है। इटली पीएम मेलोनी से युवक बोला- आपके खिलाफ वोट दूंगा, जवाब वायरल इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने आलोचना का शांत तरीके से जवाब दिया। वीडियो में एक युवक सेल्फी लेते समय मेलोनी से कहता है कि वह आने वाले जनमत संग्रह में उनके खिलाफ वोट देगा। इस पर मेलोनी मुस्कुराते हुए जवाब देती हैं, “यही लोकतंत्र है, इसमें कोई दिक्कत नहीं।” इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इसे देखा। कई यूजर्स ने मेलोनी के इस व्यवहार की तारीफ की और इसे लोकतांत्रिक सोच का उदाहरण बताया। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इटली में न्यायिक सुधारों को लेकर जनमत संग्रह पर बहस तेज है। इसमें जजों की नियुक्ति और जिम्मेदारी, न्याय व्यवस्था को तेज और पारदर्शी बनाने और कोर्ट सिस्टम में सुधार जैसे मुद्दों को लेकर जनमत संग्रह होना है। किम जोंग उन तीसरी बार नॉर्थ कोरिया के चीफ बने, साउथ कोरिया को दुश्मन देश का दर्जा देने पर विचार नॉर्थ कोरिया में किम जोंग उन को फिर से स्टेट अफेयर्स का चीफ बनाया गया है। यह उनकी लगातार तीसरी टर्म है। प्योंगयांग में सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के सेशन में संविधान संशोधन और नई योजनाओं पर भी चर्चा हुई। सरकारी मीडिया केसीएनए ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। बैठक में समाजवादी संविधान में बदलाव और नए प्रावधान जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। खास तौर पर दक्षिण कोरिया को दुश्मन देश का दर्जा देने पर विचार किया जा रहा है। हाल के वर्षों में किम ने उत्तर और दक्षिण कोरिया के शांतिपूर्ण एकीकरण की पुरानी नीति को छोड़ दिया है और दक्षिण कोरिया को शत्रु देश के रूप में परिभाषित किया है। तुर्किये में समुद्र किनारे मिला हथियार लगा अमेरिकी ड्रोन, 4 किमी दूर ले जाकर खत्म किया गया तुर्किये में ब्लैक सी तट पर एक संदिग्ध अमेरिकी ड्रोन मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना ओर्दू के उन्ने इलाके में हुई, जहां यह ड्रोन समुद्र किनारे आकर फंस गया था। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में पता चला कि यह ड्रोन अभी भी चालू हालत में था और इसमें हथियार भी लगे थे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा और ड्रोन को करीब 4 किलोमीटर दूर समुद्र में ले जाकर धमाके से खत्म कर दिया। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह ड्रोन तुर्किये के तट तक कैसे पहुंचा। आशंका है कि इसका संबंध रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े टेस्टिंग से हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। लंदन में यहूदी समुदाय की एम्बुलेंस पर हमला, 4 गाड़ियों को आग लगाई ब्रिटेन की राजधानी लंदन में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर बड़ी घटना हुई है। यहां गोल्डर्स ग्रीन इलाके में रात के समय चार एम्बुलेंस को आग लगा दी गई। पुलिस का कहना है कि यह हमला जानबूझकर किया गया और इसे यहूदी विरोधी नफरत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। ये एम्बुलेंस हात्जोला नाम की संस्था की थीं, जो जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत मेडिकल मदद देती है। आग इतनी तेज थी कि एम्बुलेंस में रखे गैस सिलेंडर फट गए, जिससे पास की इमारतों की खिड़कियां भी टूट गईं। आग बुझाने के लिए लंदन फायर ब्रिगेड ने 6 फायर इंजन और करीब 40 फायरफाइटर्स मौके पर भेजे। कुछ ही घंटों में आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें रात करीब 1:40 बजे इस घटना की सूचना मिली थी। जांच जारी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है, जिसमें कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए हैं। न्यूयॉर्क के एयरपोर्ट पर विमान और ट्रक की टक्कर, कई लोग घायल अमेरिका के न्यूयॉर्क में ला गार्डिया एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा हो गया, जिसके बाद एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एयर कनाडा एक्सप्रेस का एक विमान लैंडिंग के समय रनवे पर एक फायर ट्रक से टकरा गया। यह फ्लाइट मॉन्ट्रियल से आ रही थी। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुछ फायरफाइटर्स और विमान में सवार यात्री घायल हुए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। हालांकि अभी पूरी जानकारी साफ नहीं है। हादसे से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान और ग्राउंड वाहन दोनों को रुकने के लिए कहा था, लेकिन फिर भी टक्कर हो गई। इस घटना के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने एयरपोर्ट पर सभी फ्लाइट्स रोक दीं और जांच शुरू कर दी गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें… युद्ध के बीच तेल-गैस से ईरान की रिकॉर्ड कमाई, खार्ग टर्मिनल से सप्लाई जारी अमेरिका-इजराइल के साथ जंग को ईरान ने एक मौके में बदल दिया है। अमेरिका ने खार्ग आइलैंड के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन ग्लोबल ऑयल संकट के डर से तेल टर्मिनल को सीधे निशाना नहीं बनाया। इसी का फायदा उठाते हुए ईरान ने खार्ग टर्मिनल चालू रखा और ‘घोस्ट फ्लीट’ के जरिए चीन को सप्लाई जारी रखी है। इंटरनेशनलएनर्जी एजेंसी और SP ग्लोबल के मुताबिक, ईरान रोजाना 1.7 से 2 मिलियन (17 से 20 लाख) बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा है। देश के करीब 90% तेल का एक्सपोर्ट अभी भी खार्ग टर्मिनल से हो रहा है। साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ, लेकिन गैस सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई। रिपोर्ट है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले विदेशी जहाजों से ईरान करीब 16.5 करोड़ रुपए प्रति जहाज ‘वॉर टैक्स’ भी वसूल रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
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