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    वाराणसी कचहरी में बम-ब्लास्ट थ्रेट पर तस्वीरों में देखिए सतर्कता:23 जनवरी 2007 को झेला था आतंकी हमला, पुलिस ने खाली कराया परिसर

    1 hour ago

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    वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय में शुक्रवार को बम की धमकी ने हड़कंप मचा दिया। माहौल में अफरा-तफरी हो गई। जिला जज संजीव शुक्ला की मेल आईडी पर बम ब्लास्ट थ्रेट के ई-मेल पर अफसर कचहरी की ओर दौड़े तो तो वकील चैंबर छोड़कर भागने लगे। वाराणसी सहित 18 जिलों के नाम थे जहां ब्लास्ट का थ्रेट दिया गया था। फौरन जिला जज संजीव शुक्ला ने इस बात की जानकारी डीएम सत्येंद्र कुमार और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को दी। सूचना मिलने पर मौके पर डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ दीवानी न्यायालय पहुंचे। न्यायालय में बम थ्रेट के बाद माहौल को समझने के लिए देखिए तस्वीरें... ईमेल में चेतावनी दी गई कि "जुमे के दिन डेढ़ बजे कचहरी परिसर में ब्लास्ट होगा।" महाशिवरात्रि से ठीक दो दिन पहले मिली इस धमकी ने प्रशासन की रातों की नींद उड़ा दी है। धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को इसलिए भी चिंता में डाल दिया है क्योंकि इसका सीधा संबंध 23 नवंबर 2007 को हुए सिलसिलेवार धमाकों से जुड़ता दिख रहा था। 2007 का धमका आंखों में कौंधा बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि ​"23 नवंबर 2007 को भी शुक्रवार (जुमे) का ही दिन था और धमाकों का समय भी दोपहर 1:30 से 2:00 बजे के बीच था, जिसमें 10 लोगों की जान गई थी। ईमेल में ठीक उसी समय का जिक्र होना किसी बड़ी साजिश या खतरनाक मॉडस ऑपरेन्डी की ओर इशारा करता है।" जिला जज ने सेंट्रल बार काउंसिल के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम और पुलिस प्रशासन से संवाद के बाद बाद पूरे कचहरी परिसर को खाली करा लिया गया। ​सर्च ऑपरेशन: एटीएस (ATS), बीडीएस (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वाड ने चप्पे-चप्पे की दो बार तलाशी ली। ​तमिलनाडु से तार जुड़ने की आशंका ​वाराणसी के एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिवहरि मीणा के अनुसार, साइबर सेल और एटीएस की टीमें ईमेल के सोर्स का पता लगाने में जुटी हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि मेल की लोकेशन तमिलनाडु हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि होना अभी शेष है। महाशिवरात्रि को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, कैंट रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। जिला जज संजीव शुक्ला भी परिसर में नजर आए। NSG कमांडो भी परिसर में सघन अभियान चलकर चप्पे चप्पे पर तलाशी ली। डीआईजी शिवहरि मीणा ने शाम चार बजे बताया कि परिसर में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। तमाम कवायद के बाद अफसरों ने ​हाई-लेवल मीटिंग में कई मुददे रखे। सुरक्षा के इंतजाम, निगरानी और मामले की जांच पर मंथन हुआ। जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और जिला जज के बीच हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार को गहन चेकिंग के बाद ही परिसर में प्रवेश मिलेगा।
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