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    वाराणसी कोर्ट में SHO-चौबेपुर का अभियोजन अधिकारी से अभद्र व्यवहार:DCP से एक्शन DGC ने मांगा एक्शन, सीनियर पे-ग्रेड को जयहिंद नहीं बोलना अपमान

    4 hours ago

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    वाराणसी के विभिन्न थानों में तैनानी के दौरान अपनी कारगुजारियों से चर्चा में रहने वाले इंस्पेक्टर वीरेंद्र सोनकर फिर रडार पर हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की शिकायतों के बीच इंस्पेक्टर चौबेपुर पर अब कोर्ट में अभियोजन अधिकारी का अपमान करने का आरोप लगा है। एसएचओ चौबेपुर ने कोर्ट में पहुंचकर अभियोजन अधिकारी की अनदेखी की और कोर्ट में उनका अभिवादन नहीं किया। इंस्पेक्टर पे ग्रेड से उच्च वेतनमान वाले अधिकारी के पास जाकर उनको आदेशात्मक भाव से संवाद किया। इससे खफा अभियोजन अधिकारी ने अंकित कुमार सिंह ने डीसीपी से शिकायत की है। अभियोजन अधिकारी ने डीसीपी से संबंधित इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार सोनकर पर कार्रवाई की मांग करते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। वहीं डीजीसी समेत न्यायिक अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया। एसएचओ के व्यवहार के बाद वकीलों में भी आक्रोश है। पहले जानिए कोर्ट में इंस्पेक्टर का दुस्साहस… वाराणसी कोर्ट के एसीजेएम न्यायालय-06 में कार्यरत अभियोजन अधिकारी अंकित कुमार सिंह ने बुधवार की शाम डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार को पत्र लिखकर उनके जोन में तैनात इंस्पेक्टर चौबेपुर वीरेंद्र कुमार सोनकर के अमर्यादित व्यवहार की शिकायत की। डीसीजी ने शिकायत में बताया कि कोर्ट नंबर 6 के क्षेत्राधिकार के तहत थाना लोहता, चितईपुर और चौबेपुर आता था। इन सभी थानों से जुड़े अभियोजन कार्यों का सम्पादन किया जाता है। 7 मार्च 2026 को वे न्यायालय परिसर के कोर्ट नंबर 6 में अपनी निर्धारित कुर्सी पर बैठकर काम कर रहे थे। अभियोजन से संबंधित पत्रावलियों का अध्ययन करने के दौरान एसएचओ चौबेपुर न्यायालय कक्ष में पहुंचे। मेरे निर्धारित स्थान पर आकर बिना किसी अभिवादन या संबोधन के संवाद शुरू कर दिया। कुर्सी के पास मुझसे मुलाकात के दौरान उनके द्वारा न तो मुझे जय हिन्द का संबोधन किया गया न ही किसी अन्य प्रकार से अभिवादन किया गया। डीजीसी ने बताया कि इंस्पेक्टर का व्यवहार पीड़ादायक और खेदजनक प्रतीत हुआ, क्योंकि खुद मैं जब अपने से वरिष्ठ किसी भी अधिकारी के पास शासकीय कार्यों के दौरान मिलने जाता हूं तो उनका यथोचित अभिवादन करता हूं। एक शासकीय कर्मचारी के रूप में एसएचओ चौबेपुर 4600/- ग्रेड पे के मूल पद पर नियुक्त हैं और मेरी नियुक्ति 5400/- ग्रेड पे के मूल पद पर हुई है, इस दृष्टिकोण से उन्हें मेरा वरिष्ठ अधिकारी के रूप में अभिवादन करना चाहिए था। डीसीपी प्रमोद कुमार से मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की बात कही। शिकायती पत्र जो डीजीसी ने डीसीपी को लिखा
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